नोएडा

ये हैं नोएडा के 11 डेथ प्‍वाइंट, यहां होते हैं सबसे ज्‍यादा हादसे

प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और ट्रैफिक विभाग की टीमों ने सर्वे के बाद यूपी में चिन्हित किए 1058 डेथ प्‍वाइंट्स
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Nov 15, 2017
noida news

नोएडा। यूपी के शो विंडो कहे जाने वाले गौतमबुद्धनगर जिले में 11 डेथ प्वाइंट हैं। यह प्वाइंट संभागीय परिवहन विभाग (आरटीअो) आैर ट्रैफिक विभाग ने चिन्हित किये हैं। आपको बता दें कि ये वे प्वाइंट हैं, जहां पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इसी के चलते विभाग ने इन्‍हें चिन्हित कर इन्हें डेथ प्वाइंट का नाम दिया है। इन सभी प्वाइंट पर हादसों को रोकने के लिए विभाग की आेर से काम किए जाएंगे।

प्रदेश में हुर्इ स्टडी में सामने आए ये डेथ प्वाइंट

प्रमुख सचिव परिवहन अराधना शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और ट्रैफिक विभाग की टीमों से हाल ही में एक सर्वे कराया गया था। इसमें पूरे प्रदेश में उन प्वाइंट्स को छाटने के लिए कहां गया था, जहां पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। एेसे में सभी टीमों के सर्वे में प्रदेश में 1058 प्वाइंट्स सामने आए। इनमें 11 प्वाइंट गौतमबुद्धनगर आैर 16 गाजियाबाद में चिन्हित किये गये हैं। इसके साथ ही सभी जगहों पर हादसों के कारणाें का भी पता लगाया जा रहा है।

हादसे रोकने के लिए करेंगे काम

विभागीय अधिकारियों की मानें तो हादसों से लोगों को बचाने के लिए पहचाने गए इन डेथ प्वाइंट्स पर यह देखा जा रहा है कि वहां हादसे क्यों होते हैं। एेसे में हादसों को रोकने के लिए इन जगहों पर जरूरत के हिसाब से फुटआेवर ब्रिज, अंडरपास, लालबत्ती, इंडीकेटर व यू-टर्न के अलावा रोड आैर चौराहों को मैपिंग देखकर कर ठीक कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्राधिकरण को सौंपी गर्इ है। आपको बता दें कि इन प्वाइंटों पर पिछले दो साल में 1943 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 1446 लोग घायल हो चुके हैं, जबकि 749 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

इन जगहों से निकलें जरा संभलकर

- डीएनडी रोड

- महामाया फ्लार्इआेवर

- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे

- सेक्टर-44 एमिटी स्कूल के सामने

- एल्डिको कट

- जीरो प्वाइंट परी चौक

- यमुना एक्सप्रेसवे सलारपुर

- यमुना एक्सप्रेसवे भार्इपुर कट

- एक्सप्रेसवे दनकौर

- चिटेहरा गांव

- यमुना एक्सप्रेसवे जेवर

Published on:
15 Nov 2017 01:53 pm