
नोएडा। शहर में डायबिटीज से पीड़ित रोगियों की संख्या 10 फीसदी की दर से बढ़ रही है। नोएडा डायबिटिक फोरम के आंकड़ों के अनुसार, साल भर लगाये गये हेल्थ चेकअप कैम्पों मे सात हजार से ज्यादा मरीजों ने जांच कराई, जिनमें से 80 प्रतिशत मरीज इस बीमारी से पीड़ित पाये गये। इनमें से 700 से ज्यादा ऐसे मरीज थे, जिन्हें जांच के दौरान पता चला कि वे डायबिटीज के शिकंजे में आ चुके हैं। इस दौरान इस डॉक्टरों ने कहा कि चिंता, चीनी व चिकनाई छोड़कर डायबिटीज से बचा जा सकता है।
वाॅक फार हेल्थ और हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन
इस वर्ष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डायबिटीज एंड वुमेन के रूप में मनाया जा रहा है। एक अध्ययन के अनुसार, डायबिटिज से पीड़ित महिलाओं की संख्या संख्या बढ़ रही है। नोएडा डायबिटिक फोरम ने लोगों को शिक्षित करने और जागरूक करने के लिए रविवार को वाॅक फार हेल्थ और हेल्थ चेकअप कैंप आयोजन किया, जिसे जिलाधिकारी बीएन सिंह ने झंडी दिखाकर रवाना किया।
जीवनशैली भी एक वजह
लोगों को डायबिटीज के प्रति जागरूक करने के लिए रन फार हेल्थ का आयोजन किया गया, जो नोएडा स्टेडियम से शुरू होकर सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय पर खत्म हुआ। इस अवसर पर डीएम बीएन सिंह ने कहा कि सुबह-सुबह व्यायाम करने से शरीर निरोगी बनता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में व्यायाम पीछे छूटता जा रहा है, जिससे मधुमेह जैसी बीमारियों के रोगी बढ़ रहे हैं।
इस तरह से पाया जा सकता है काबू
इस दौरान फोरम के अध्यक्ष डॉ. जीसी वैष्णव का कहना है कि चिंता, चीनी व चिकनाई को छोड़ना और चैन की नींद सोने से डायबिटीज पर काबू पाया जा सकता है। डाॅक्टर जीसी वैष्णव ने कहा कि प्रदूषण का प्रभाव भी डायबिटीज रोगियों पर दिखाई देने लगा है, क्योंकि प्रदूषण के कारण होने वाली बिमारियों से बचने के लिए अकसर घरों से नहीं निकलने की सलाह दी जाती है। इस कारण देखा गया है कि रोगियों की संख्या बढ़ रही है। रन फार हेल्थ में नोएडा के विभिन्न स्कूलों के छात्र, विभिन्न संस्थाओं भारत विकास परिषद, नोएडा एंटरप्रीन्योर एसोसिएशन व नोएडा डायबिटिक फोरम के सदस्य और डॉक्टर इसमें शामिल हुए।