नोएडा

सुमित गुर्जर के बाद इस दूसरे एनकाउंटर में फंस सकती है नोएडा पुलिस

नोएडा पुलिस पर एक बार फिर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे हैं। इस बार मामला जितेन्द्र का है।

3 min read
Feb 04, 2018

नोएडा। योगी सरकार उत्‍तर प्रदेश में अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए यूपी पुलिस ताबड़तोड़ एनकांउटर कर रही है। वहीं, कुछ मामलों में पुलिस पर सवाल भी उठने लगे हैं। नोएडा में ऐसा एक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी पर फर्जी एनकाउंटर के नाम पर गोली मारने का आरोप लगा है। एसएसपी इस मामले में जांच की बात कर रहे हैं। वहीं, डीजीपी ओपी सिंह ने इस पूरे मामल पर नारजागी जताई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए एसएसपी लव कुमार से जवाब मांगी है। इससे पहले सुमित गुर्जर एनकाउंटर में भी पुलिस पर सवाल उठे थे। जिसमें राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने हाल ही में डीएम और एसएसपी से सुमित गुर्जर की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी है।

नोएडा पुलिस ने शनिवार रात किया एनकाउंटर

शनिवार रात चार दोस्तों के साथ स्कॉर्पियो से बहरामपुर से बहन की सगाई कर लौट रहे जितेंद्र यादव उर्फ डंबर को नोएडा के सेक्टर-122 स्थिति सीएनजी पर विजयदर्शन नाम के एक पुलिसकर्मी ने गोली मार दी। बताया जा रहा है कि कहासुनी के बाद पुलिसकर्मी ने उसे गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल जितेन्द्र को नोएडा के फोर्टिस में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी है। वहीं, घटना के बाद से जितेंद्र यादव के अन्य साथी गायब बताए जा रहे हैं।

कहासुनी के बाद मारी गोली

फोर्टिस में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे जितेंद्र यादव को सेक्टर-122 स्थित सीएनजी पर कहासुनी के बाद दरोगा विजयदर्शन ने गोली मार दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रात को लगभग 10 बजे जब ये बहरामपुर से बहन की सगाई कर लौट रहे थे, तभी नशे में धुत विजयदर्शन ने उनका फर्जी एनकाउंटर कर दिया। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि बाकी साथियों को पुलिस ने गायब कर दिया।

पर्थला गांव में चलाता है जिम

परिजनों का कहना है कि जितेंद्र सेक्‍टर-122 में स्थित पर्थला गांव में जिम चलाता है। उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। परिवार वालों का कहना है की गोली गले में लगी है और रीढ़ की हड्डी में अटक गई है। वहीं, मौके पर पहुंचे डीआईजी लव कुमार मामले की निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि परिवारवालों से तहरीर लेकर इस मामले को दर्ज कर जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

तीन अक्टूबर को हुआ था सुमित गर्जर का एनकाउंटर

गौरतलब है कि तीन अक्टूबर 2017 की रात ग्रेटर नोएडा के कासना थानाक्षेत्र में बागपत के रहनेवाला सुमित गुर्जर पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। सुमित पर पचास हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। वहीं, सुमित की मौत के बाद काफी बवाल मचा, पंचायत हुई और काफी हंगामा भी हुआ था। वहीं, हाल ही में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने 28 जनवरी 2017 तक नोएडा पुलिस से 7 बिंदुओं पर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। साथ ही डीएम और एसएसपी से सुमित गुर्जर की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी है।

देखें वीडियो-https://www.youtube.com/watch?v=DsL7hzT9lyg&t=11s

Updated on:
04 Feb 2018 01:22 pm
Published on:
04 Feb 2018 01:14 pm
Also Read
View All