नोएडा

‘पापा मैं मरना नहीं चाहता’… डूब रहे इंजीनियर के आखिरी शब्द; लोग बोले- 80 मिनट मदद की गुहार लगाता रहा

Software engineer death Noida : गुरुग्राम से नोएडा लौट रहे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गिर गई।
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Jan 18, 2026
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नोएडा में इंजीनियर की डूबने से मौत, PC- X

नोएडा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गुरुग्राम से नोएडा लौट रहे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गिर गई। हादसे के बाद युवराज करीब 80 मिनट तक ज़िंदगी के लिए संघर्ष करता रहा और फोन पर पिता से बार-बार कहता रहा- 'पापा, मुझे बचा लो… मैं मरना नहीं चाहता।' लेकिन समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।

कार से निकलकर छत पर चढ़ा

हादसा 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे नोएडा के सेक्टर-150 स्थित एटीएस ले ग्रांड के पास हुआ। घने कोहरे के कारण सड़क पर आगे का रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान युवराज की ग्रैंड विटारा कार नाले की दीवार तोड़ते हुए मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए 30 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। कार डूबने लगी तो युवराज किसी तरह बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गया और रात 12:20 बजे अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।

पिता मौके पर पहुंचे, लेकिन कोहरे में नहीं दिखा बेटा

सूचना मिलने पर पिता ने तुरंत डायल-112 पर कॉल किया और खुद मौके पर पहुंच गए। कुछ देर में पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी वहां पहुंचीं। रात 1:15 बजे एसडीआरएफ और बाद में एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची।
हालांकि घने कोहरे के कारण युवराज पिता और बचाव दल को दिखाई नहीं दे रहा था। मौके पर मौजूद लोग केवल उसकी आवाज़ सुन पा रहे थे।

80 मिनट तक सुनाई देती रही मदद की पुकार

युवराज मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद के लिए चिल्लाता रहा- 'मेरी कार डूब रही है, कोई मुझे बचा लो।' प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पानी बेहद ठंडा था और गड्ढे में सरिया होने के कारण कोई भी व्यक्ति पानी में उतरने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस और दमकल कर्मियों ने भी जोखिम का हवाला देते हुए पानी में उतरने से इनकार कर दिया।

आवाज बंद हुई और गड्ढे में समा गया युवराज

करीब 1:45 बजे युवराज की आवाज़ आनी बंद हो गई और वह कार समेत पानी से भरे गड्ढे में डूब गया। एनडीआरएफ की टीम 1:55 बजे मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह करीब 4:30 बजे युवराज का शव बाहर निकाला गया।

चश्मदीद बोला- कोई पानी में उतरने को तैयार नहीं था

घटना के प्रत्यक्षदर्शी डिलीवरी बॉय मुनेंद्र ने बताया कि उसने युवराज को मोबाइल की लाइट जलाकर मदद मांगते देखा। उसने खुद कमर में रस्सी बांधकर पानी में उतरने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा और कोहरा होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दिया।

परिवार का इकलौता बेटा था युवराज

युवराज मेहता गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। उसके पिता राजकुमार मेहता एसबीआई से निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं। युवराज की मां का कुछ साल पहले बीमारी से निधन हो चुका है। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है और वह यूके में रहती है। युवराज परिवार का इकलौता बेटा था।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि इस कट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और बार-बार चेतावनी देने के बावजूद न तो बेरिकेडिंग की गई और न ही रिफ्लेक्टर लगाए गए। विरोध बढ़ने के बाद देर शाम प्राधिकरण ने घटनास्थल के पास सैकड़ों टन मलबा गिरवाया।

Updated on:
18 Jan 2026 08:57 pm
Published on:
18 Jan 2026 08:31 pm