Noida Worker Protest: नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी हिंसक हो गया। पुलिस से झड़प, पथराव और तोड़फोड़ के बीच 300 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई।
Noida Violence News: गौतमबुद्ध नगर के नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का सैलरी बढ़ाने को लेकर विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद भीड़ ने 2-3 स्थानों पर पुलिस वाहनों पर पथराव कर दिया। हालांकि, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को नियंत्रित कर लिया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया गया।
बवाल के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से ही पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है। स्थिति पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा पीएसी और RAF की 15 कंपनियों के साथ 26 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोएडा में तैनात किया गया है। हालात को देखते हुए कई कंपनियों ने कामकाज बंद रखा है।
प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से ही कराई जाएगी। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि 50 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल के जरिए हिंसा भड़काने की कोशिश की गई।
लगातार बढ़ते विरोध के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा निर्णय लिया। फैक्ट्री कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। हाईलेवल कमेटी ने कर्मचारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की, जिसके बाद देर रात आदेश जारी कर सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वह देश के श्रमिकों की आखिरी चीख है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की आवाज को लगातार अनसुना किया गया, जिसके चलते हालात इस स्तर तक पहुंच गए।
इससे पहले सोमवार को भी नोएडा के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला था। 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे करीब 42 हजार कर्मचारी अचानक सड़कों पर उतर आए थे। प्रदर्शनकारियों ने 350 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की, 50 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया और करीब 150 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस पर भी जमकर पथराव हुआ, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई थी।