नोएडा

यूपी के इस शहर में लोगों ने मोदी सरकार को 2019 में दी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी

नोएडा के सेक्टर-123 में लोग कई महीने से कर रहे हैं डंपिंग ग्राउंड का विरोध

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Jun 09, 2018
PM Modi
PM Modi

नोएडा। शहर के सेक्टर-123 में बनाये जा रहे डम्पिंग ग्राउंड ग्राउण्ड का विरोध नोएडा के बाद अब नोएडा एक्स्टेंशन में भी देखने को मिल रहा है। विभिन्न सोसाइटी में रह रहे सैकड़ों लोगों ने डम्पिंग ग्राउंड के विरोध में ईको विलेज-2 से गौर सिटी गोल चक्कर तक पैदल मार्च निकालकर प्रशासन व नोएडा प्राधिकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं विपरीत परिस्थितियों में केंद्र सरकार को 2019 में होने वाले चुनाव के गंभीर परिणाम भुगतने की भी चेतावनी दी।

हाथों में बैनर लेकर पैदल मार्च करते हुए लोगों ने प्रशासन व नोएडा प्राधिकरण के विरोध में नारेबाजी करते हुए सैकड़ों लोग कोई और नहीं बल्कि नोएडा एक्स्टेंशन की आसपास की बिल्डर सोसाइटी में रहने वाले आवंटियों ने नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर -123 में बनाये जा रहे डम्पिंग ग्राउण्ड का जमकर विरोध किया। इनका कहना है कि नोएडा प्राधिकरण अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और यहां पर रहने वाले लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जबकि 2016 में एक आरटीआई के जवाब में नोएडा प्राधिकरण यह कह चुका है कि नोएडा के सेक्टर -123 में डम्पिंग ग्राउण्ड का प्रस्ताव नहीं हैं तो आखिर प्राधिकरण ऐसा कर हम लोगों के जीवन से खिलवाड़ क्यों कर रहा है। लगों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्राधिकरण व सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो आगामी 2019 में होने वाले चुनाव का खामियाजा केंद्र सरकार को भुगतना पड़ेगा।

वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि प्राधिकरण अपने निजी स्वार्थ और अपनी हठधर्मी के चलते ऐसा कर रहा है। जबकि नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले ही सेक्टर-123 में डम्पिंग ग्राउण्ड न बनाने की बात कही जा चुकी है। साथ ही नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान में भी डम्पिंग ग्राउंड बनाए जाने के दो स्थान प्रस्तावित हैं, जिसमें सेक्टर-151 और ग्रेटर नोएडा का अस्तौली।

लोगों का कहना है कि तो अस्तौली में डम्पिंग ग्राउण्ड क्यों नहीं बनाया जा रहा है। जबकि सेक्टर-123 में ग्रीन बेल्ट एरिया आता है। आखिर अधिक ट्रांसपोर्टिंग चार्ज के चलते हम लोगों के जीवन से खिलवाड़ क्यों किया जा रहा हैं? वहीं प्राधिकरण ने एनजीटी को गुमराह कर फैसला अपने पक्ष में करा लिया है, जिसके विरोध में हम सभी सेक्टरवासी एनजीटी में पुनः अपनी बात रखेगें और जरुरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

Published on:
09 Jun 2018 08:31 pm