सवर्ण जातियों को अलग-थलग करने की नीति से भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
मेरठ। भाजपा सरकार के फैसलों से सवर्ण जातियों के लोग खासे आक्रोशित हैं। पहले एससी-एसटी एक्ट में केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन का विरोध आैर अब प्रदेश सरकार द्वारा सहारनपुर के शब्बीरपुर में दलितों और राजपूतों के बीच हुई जातीय हिंसा के मुख्य आरोपी भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण पर लगी रासुका को हटाकर उसे समय से पहले रिहा करने के फैसले से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में भाजपा सरकार सवर्ण जातियों से अलग होकर दलितों पर प्रेम दिखा रही है। यह सही नहीं है इससे समाज में वैमन्सय का भाव बढ़ रहा है। खासकर राजपूत समाज में सरकार के इन फैसलों पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री आैर भाजपा के वरिष्ठ नेता ठाकुर संजीव पुंढीर का कहना है कि सवर्ण जातियों को सरकार जिस तरह अलग-थलग कर रही है, उससे स्थिति चिंताजनक बन गर्इ है। मौजूदा स्थिति में अगर लोकसभा चुनाव हो जाएं तो सवर्ण समाज के अधिकांश लोग 'नोटा' पर वोट करेंगे। हमारा लोकतंत्र पर अब विश्वास नहीं रह गया है। आपको बता दें कि एससी-एसटी एक्ट में केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन से नाराज होकर भाजपा की कद्दावर नेता व सहारनपुर की देवबंद सीट से विधायक रहीं शशिबाला पुंढीर दो सप्ताह पूर्व ही भाजपा छोड़ चुकी हैं।
मुस्लिम आैर दलित करेंगे इसकी शुरुआत
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ठाकुर संजीव पुंढीर का कहना है कि भाजपा सरकार के निर्णयों से जो देखने में आ रहा है वह यही है कि देश गृह युद्ध की आेर बढ़ रहा है। इसमें मुस्लिम आैर दलित इसकी शुरुआत करेंगे।
सवर्ण जातियों को अलग-थलग करने की नीति से भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्ण जातियों में जबर्दस्त विरोध है। सवर्ण संघर्ष मंच की बैठक में भी सरकार के फैसलों पर चर्चा हुर्इ थी आैर सवर्ण जातियों की स्थिति इस समय 'वेट एंड वाॅच' की है, लेकिन जिस तरह से सवर्ण जातियों के खिलाफ सरकार निर्णय ले रही है। यह स्थिति बहुत निराशाजनक है।