अटल सरकार में अहम भूमिका निभाने वाले इस बड़े भाजपा ने नेता का दावा
नोएडा. इस बार होने वाले लोकसभा चुनाव में न तो मोदी का जादू चलेगा आैर न ही अमित शाह चक्रव्यूह काम करेगा। यह दावा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता संघप्रिय गौतम ने किया है। उन्होंने कहा है कि 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी मंत्र और अमित शाह का चक्रव्यूक निष्प्रभावी साबित हुआ है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार चली गई। इस हार की जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी और अमित शाह को अपने सिर पर लेनी चाहिए, लेकिन उन्होंने एेसा नहीं किया।
बता दें कि संघप्रिय गौतम भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं आैर हाल ही के विधानसभा चुनावों में हुर्इ पार्टी की हार से बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा है कि जिस पार्टी को अपने खून-पसीने से इस मुकाम पर पहुंचाया है उसकी एेसी हालत देखकर दुख होता है। इसलिए उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताआें आैर संघ को एक पत्र लिखा है, जिसमें पार्टी पर आने वाले संकट को लेकर चेताया है। साथ ही भाजपा द्वारा लिए गए गलत निर्णयों पर भी प्रकाश डाला है। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा है कि अगर जल्द ही संगठन में बड़ा फेरबदल नहीं किया गया तो लोकसभा चुनाव में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।
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भाजपा से उठ गया जनता का विश्वास
संघप्रिय गौतम ने अपने पत्र में लिखा है कि मोदी हटें आैर गडकरी बढ़ें तो भाजपा बचे। 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत से नरेंद्र मोदी का कद बहुत ऊंचा हुआ है। उनकी नीतियों के कारण देश का नाम दुनिया में रोशन हुआ है। 2017 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावाें में भी भाजपा ने अप्रत्याशित जीत हासिल की। इसके बाद मोदी मंत्र और अमित शाह के चक्रव्यूह को ग्रहण लग गया है। संविधान को बदलने की पार्टी के कुछ लोगों द्वारा बातें करना अथवा संविधान से छेड़छाड़ करना, सुप्रीम कोर्ट, आरबीआई या सीबीआई में दखलअंदाजी करना बुरा असर डालता है। साथ ही लिखा है कि रोजगार के अवसर पैदा न करना, किसानों का कर्ज माफ न करना, किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान न करना और खाद व बीज की लागत ज्यादा कर देना किसानों को झटक देना है। भ्रष्टाचार, महंगाई और कालाधन को छोड़कर धर्म, मंदिर और मस्जिद जैसे मुद्दे को उठाने से जनता का विश्वास उठ गया है।
संगठन में बड़ा फेरबदल करने की जरूरत पर दिया जोर
उन्होंने आगे लिखा है कि जल्द ही लाेकसभा के चुनाव होने वाले हैं, लेकिन इस बार मोदी का मंत्र नहीं चलेगा। क्योंकि कार्यकर्ता उनसे निराश हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भाजपा को दोबारा सत्ता में लाना और मोदी का प्रधानमंत्री बनना आवश्यक है। हालांकि इसके लिए सरकार और संगठन में बड़ा फेरबदल करने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा है कि नितिन गडकरी को उपप्रधानमंत्री बनाना चाहिए। वहीं योगी आदित्यनाथ को धर्मिक कार्यों में लगा देना चाहिए आैर राजनाथ सिंह को यूपी का मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अमित शाह को अब राज्यसभा में भेजकर शिवराज सिंह चौहान को भाजपा अध्यक्ष पद सौंप देनी चाहिए।