Sawan Shivratri Jalabhishek Muhurat : गाजियाबाद के प्राचीन श्रीदूधेश्वरनाथ मठ मंदिर में हाजिरी, प्रदोष व त्रयोदशी का जल 9 अगस्त 2018 की सुबह 6 बजे से चढ़ना शुरू
नोएडा। सावन या श्रावण मास की शिवरात्रि आज यानी 9 अगस्त 2018 दिन गुरुवार को है। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार को मंदिरों के बाहर लंबी लंबी लाइन लगी हुई थीं। वहीं, कांवड़िए भी हरिद्वार या गोमुख से गंगाजल लेकर लौट आए हैं। बुधवार से डाक कांवड़ भी शुरू हो गई थे। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि इस बार मंदिरों में शिवरात्रि का जल कब चढ़ेगा।
सुबह 6 बजे से चढ़ेगा जल
गाजियाबाद के प्राचीन श्रीदूधेश्वरनाथ मठ मंदिर के महंत नारायण गिरी का कहना है कि इस बार शिवरात्रि के दिन प्रदोष व्रत भी है। मंदिर में हाजिरी, प्रदोष व त्रयोदशी का जल 9 अगस्त 2018 की सुबह 6 बजे से चढ़ेगा। जबकि चतुर्दशी का जल रात 10.54 से लेकर शुक्रवार यानी 10 अगस्त को शाम 7 बजे तक चढ़ेगा। उनका कहना है कि शिवरात्रि का व्रत 9 अगस्त को ही रखा जाएगा। गुरुवार को सुबह 6 बजे से त्रयोदशी का जल चढ़ना शुरू होगा। उनके अनुसार, प्रदोष काल का समय सूर्यास्त से लेकर आधी रात के बीच का समय होता है।
पांच लाख से ज्यादा कांवड़ियों के आने की संभावना
उधर माना जा रहा है कि इस बार गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर में पांच लाख से ज्यादा कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे। महंत नारायण गिरी ने बताया कि भगवान दूधेश्वर की आठ प्रहर की विशेष पूजा भी गुरुवार को ही होगी। श्रीदूधेश्वर श्रंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल ने बताया कि भगवान भोलेनाथका भव्य श्रंगार किया जाएगा। साथ ही उन्हें 156 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। मंदिर में सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। पूरा मंदिर व मेला क्षेत्र सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे की निगरानी में रहेगा। इसके अलावा मंदिर के अंदर व बाहर पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे।
मेरठ के मंदिरों में भी तैयारियां पूरी
वहीं, मेरठ के मंदिरों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेरठ में गुरुवार को सुबह से जलाभिषेक का समय शुरू हो जाएगा। रात 10.44 से चतुर्दशी लगेगी। उस समय कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे। औघड़नाथ मंदिर में पहुंचे हजारों कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ को परिक्रमा और हाजिरी का जल चढ़ाया। मंदिर के पुजारी श्री धर त्रिपाठी का कहना है कि 9 अगस्त को सुबह 4 बजे पूजन के बाद आम लोगों के मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसके बाद वे भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं। शाम 7 बजे के बाद केवल कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे। मंदिर के पास में जरूरी शिविर भी लग गए हैं।
सुबह 4 बजे खुलेंगे कपाट
वहीं, मेरठ के ही दयालेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि पर सुबह 9 बजे 1008 फलों से भगवान शिव का पूजन और महाआरती होगी। मंदिर के कपाट खुलने का समय सुबह 4 बजे है जबकि कांवड़ियों के लिए अभिषेक का समय रात 10. 44 बजे से है। सदर स्थित बिल्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे। वहां रात 8 बजे कांवड़ियों के बाद कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे।
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