
सावन शिवरात्रि 2018: इस बार बन रहा है बेहद शुभ संयोग, इस शुभ मुहूर्त में करें जलाभिषेक
नोएडा। सावन या श्रावण मास की शिवरात्रि 9 अगस्त 2018 को पड़ेगी। इस शिवरात्रि का खासा महत्व है। माना जाता है कि इस शिवरात्रि और पूरे सावन भगवान शिव का सच्चे मन से जलाभिषेक किया जाए तो हर मनोकामना पूरी होती है। सेक्टर-44 निवासी पंडित रामप्रवेश तिवारी का कहना है कि इस बार सावन की शिवरात्रि 9 अगस्त को पड़ रही है। खास बात यह है कि इस बार एक शुभ संयोग भी बन रहा है। शुभ मुहूर्त में अगर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाए तो भगवान शुभ फल देंगे।
साल में होती हैं 12 शिवरात्रि
पंडित रामप्रवेश तिवारी का कहना है कि वर्ष में 12 शिवरात्रि होती हैं। इनमें से महाशिवरात्रि और सावन की शिवरात्रि का खासा महत्व होता है। 16 साेमवार व्रत रखने के बाद शिवरात्रि का व्रत रखने से काफी शुभ फल मिलता है। इससे आपको कष्टों से छुटकारा मिलता है।
प्रदोष व्रत भी है
इसके अलावा उन्होंने कहा कि 9 अगस्त यानी गुरुवार को प्रदोष व्रत भी है। पुराणों के अनुसार, त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रत्येक महीने में दो प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष) होते हैं। उस दिन सावन की शिवरात्रि भी है। पंडित रामप्रवेश तिवारी का कहना है कि 9 अगस्त को सूर्यास्त शाम 7.06 बजे तक है। शाम को सूर्यास्त से 9.01 बजे तक प्रदोष का समय है। प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन बहुत लाभकारी होता है। उन्होंने बताया कि त्रयोदशी को सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। उनका कहना है कि 9 अगस्त की रात 10.45 बजे त्र्योदशी की समाप्ति है। इसके बाद 10.46 से चतुर्दशी लग जाएगी।
शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
वहीं, मेरठ के पंडित कमलेश्वरानंद सैमवाल ने बताया कि 9 अगस्त को शिवरात्रि वाले दिन निशीथ काल पूजा का समय रात 12.05 से 12.49 बजे तक है। व्रत पारण का समय अगले दिन मतलब 10 अगस्त को शुक्रवार सुबह 5.52 से दोपहर 3.44 तक रहेगा। शिवरात्रि को प्रातः 4 बजे से 8.47 बजे तक जलाभिषेक का उत्तम मुहूर्त माना गया है।
Updated on:
6 Aug 2018, 1:06 PM IST
Published on:
6 Aug 2018, 12:54 PM IST
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