नोएडा

ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों और बढ़ती शीतलहर के कारण 8वीं तक के सरकारी स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के बाद आल नोएडा स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से 12वीं तक के सभी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं बंद करने की मांग की है।
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Updated: 31 Dec 2021, 5:24 PM IST
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दिल्ली-एनसीआर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच बढ़ती शीतलहर और कड़ाके की ठंड के चलते के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हापुड़ और गाजियाबाद में 8वीं तक के स्कूल 15 दिन के लिए बंद किए जाने की घोषणा की गई है। इस ऐलान के बाद 31 दिसंबर से अगले साल 14 जनवरी तक 8वीं तक के सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। निजी स्कूलों के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि शासन ने शीतकालीन अवकाश के लिए आदेश दिए हैं। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों को शुक्रवार से विद्यालय बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। निजी स्कूलों के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं है। बढ़ती शीतलहर और कड़ाके की ठंड के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग के टाइम एंड मोशन स्टडी के आदेश के तहत पहली बार शीतकालीन अवकाश दिया जा रहा है। इससे पहले जिलाधिकारी के आदेशों के तहत विभिन्न जिलों में स्कूलों में छुट्टी की जाती रही हैं।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बाबत विस्तार से एक गाइडलाइन भी जारी की है। इसके तहत स्कूलों को विकल्प के तौर पर ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करानी होगी। अगर स्कूल में किसी को भी जुकाम, बुखार के लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत घर पहुंचाने की व्यवस्था स्कूल को करनी होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के बाद आल नोएडा स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से 12वीं तक के सभी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं बंद करने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने कहा कि दिल्ली, एनसीआर में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्ली की तरह नोएडा में भी प्रशासन यह कदम उठाए। संगठन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने कहा कि टीकाकरण न होने से बच्चों में संक्रमण का खतरा ज्यादा है। कहा जा रहा है कि ओमिक्रोन और कोरोना की तीसरी लहर के चलते भी यह फैसला लिया गया है। वहीं, निजी के साथ सरकारी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।

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