हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा मदरसा मौलाना मुहम्मद अली जौहर
नोएडा. उत्तर प्रदेश में जहां छोटी-छोटी बातों पर हुए विवाद को हिन्दू-मुस्लिम रंग देने में जरा भी परहेज नहीं किया जाता। वहीं इसी प्रदेश हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसालें भी दी जाती हैं। जी हां, होली के अवसर पर ऐसी ही मिसाल पेश करता है संभल के मऊ भूड़ गांव स्थित अलीजान जमीयत उल मुस्लेमीन एजुकेशनल सोसायटी का मदरसा मौलाना मुहम्मद अली जौहर। यहां होली के अवसर पर हिंदू मुस्लिम एक दूसरे के गले मिलकर फूलों की होली खेलते हैं।
मदरसे के संचालक फिरोज खान का मानना है कि ने बताया कि हम मदरसे में फूलों की होली मनाकर पूरे देश को ये संदेश देना चाहते हैं कि सभी लोग इसी तरह मिलजुल कर त्योहार मनाएं। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम हर साल होली से पहले या फिर इसके एक दो दिन बाद किया जाता है। इस मौके पर मदरसे की ओर से होली के पकवान बनवाए जाते हैं। इन पकवानों को दोनों समुदाय के लोग फूलों की होली खेलते समय खाते हैं।
बता दें कि इस मदरसे में कई बार भारत माता की जय, वंदेमातरम के नारे भी गूंजे हैं। इतना ही नहीं यहां मुस्लिमों ने गोरक्षा का संकल्प भी लिया है। इसके लिए मदरसे में समय-समय पर गोरक्षा के लिए कार्यक्रम किए जाते हैं। यह भी बता दें कि पिछले साल इस कार्यक्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम समेत कई महाराज शामिल हुए थे और सभी ने मिलजुल कर प्रेम से फूलों की होली खेली थी।