नोएडा

यूपी: सपा नेताओं ने हाथों में जंजीर बाँधकर किया व्यवस्था का विरोध

अगस्त क्रांति पर सपा नेताओं ने हाथों में जंजीर बाँधकर किया व्यवस्था का विरोध सपाई बाेले अंग्रेजों के नक्शे कदम पर चल रही भाजपा, एक और अगस्त क्रांति की जरूरत
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Updated: 10 Aug 2020, 6:44 AM IST
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नोएडा ( noida news ) जंग-ए-आजादी की अंतिम लड़ाई मानी जाने वाली अगस्त क्रांति के दिन रविवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हाथों में जंजीर बांधकर मौजूदा व्यवस्था का विरोध ( bsp leaders protest )
किया। सपाईयाें ने कहा कि आजाद भारत के शासक देशवासियों के साथ अंग्रेजों जैसा बर्ताव कर रहे हं। यह भी कहा कि अगर इसे बंद नहीं किया तो अगस्त क्रांति के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

समाजवादी मजदूर सभा के प्रदेश महासचिव देवेन्द्र सिंह अवाना ने कहा कि मौजूदा समय में भारत का 'लोकतांत्रिक, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष संविधान पूंजीवाद और सामंतवाद की जंजीरों में जकड़ा कराह रहा है। अंग्रेजों के रौब और दाब की विरासत को केंद्र और प्रदेश की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी की सरकारें अपना रही हैं। भाजपा अंग्रेजों की तरह ही देश की जनता के दिलों में भय बैठा रही है। धर्म और संप्रदाय की राजनीति कर देशवासियों को टुकड़े में बांटने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। आराेप लगाया कि, सरकार का ध्यान देश में फैली महामारी, गरीबी, भ्रष्टाचार, महंगाई, बीमारी, बेरोजगारी, शोषण, कुपोषण, विस्थापन और किसानों की आत्महत्याओं के मामलों से कोई सरोकार नहीं है।

यह भी कहा कि, ऐतिहासिक बेरोजगारी और सदी की सबसे बड़ी महामारी के बावजूद स्कूलों की मनमानी जारी है। बिजली की महंगाई और बिलों में जान-बूझकर गड़बड़ी कर आम लोगों का शोषण किया जा रहा है। राेजगार उद्याेग चाैपट हाे चले हैं लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है। प्रदर्शनकारियाें ने कहा कि, स्कूल फीस माफ करें, बिजली के बिलों में राहत दी जाए, किसानों की समस्याओं को हल किया जाए, घर के बाहर खड़ी गाड़ियों का चालान बंद हाे।

समाजवादी मजदूर सभा के पदाधिकारियाें ने कहा कि, गांधीजी ने करो या मरो का नारा देकर अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए देश के युवाओं का आह्वान किया था। अब वही वक्त आ गया है। देश और प्रदेश के युवाओं, मजदूरों और किसानों की दुर्दशा चरम पर है। यदि देश की आम जनता की उपेक्षाएं बंद नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

यह भी कहा कि, अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गौतमबुद्ध द्वार से दलित प्रेरणा स्थल तक शांति मार्च निकालना चाहते थे लेकिन, अनुमति नहीं दी गई । बाेले कि, अंग्रेजों के खिलाफ 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन चलाया गया था, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ समाजवादियों का आंदोलन भाजपा से मुक्ति तक जारी रहेगा।

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10 Aug 2020, 6:44 AM IST
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