
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा. दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद (Vaccination in Noida-Ghaziabad) में सोमवार से 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया। टीकाकरण के पहले दिन ही लोगों की भारी भीड़ वैक्सीनेशन सेंटर्स पर उमड़ पड़ी। इस कारण वैक्सीनेशन की व्यवस्था चरमरा गई और स्वास्थ्य विभाग को स्थिति को नियंत्रण में करने लिए पुलिस बल को बुलाना पड़ा। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती हुई साफ नजर आईं। लोग पुलिस के साथ बहस और झड़प करते भी नजर आए। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि जिन लोगों ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है, उनका टीकाकरण जरूर होगा। लेकिन, उन्हें जो स्लॉट अलॉट किए गए हैं, उसी पर आकर की टीकाकरण कराना होगा।
कोरोना वैक्सीनेशन के पहले दिन सोमवार को जिला अस्पताल में लोगों का हुजूम नजर आया। इस दौरान लोगों ने जमकर कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाईं। दरअसल, लोगों को भ्रम हो गया था कि जिनका रजिस्ट्रेशन उनका टीकाकरण होगा। इसके अलावा शहर के निजी अस्पताल में टीकाकरण बंद किए जाने से सरकारी अस्पतालों में भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। ऐसे में मची आपाधापी से सारी व्यवस्था चरमरा गई और स्वास्थ्य विभाग को लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। मौके पर पहुंचे एडीजीपी रणविजय सिंह ने लोगों को समझाया और कोरोना के नियमों का पालन करते हुए वैक्सीनेशन कराने के लिए कहा।
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह का कहना था कि लोगों ने भारी संख्या में रजिस्ट्रेशन करा दिया। लोगों को समझाया गया कि जिन लोगों ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है, उनका टीकाकरण होगा, लेकिन उन्हें जो स्लॉट अलॉट किए गए उस पर ही आकर टीकाकरण कराना होगा। बता दें कि सोमवार को जिले में 16 सरकारी केंद्रों पर 2,800 युवाओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया। प्रत्येक बूथ पर 175 लोगों को टीका लगाया जाना है। शासन से जिले को 17 हजार कोविशील्ड वैक्सीन की डोज भी मिल गई है। टीकाकरण सोमवार से सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक चला। व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए एक बूथ पर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।
सिर्फ यूपी के निवासियों का ही वैक्सीनेशन
राज्य की सभी सरकारी वेबसाइट्स पर टीकाकरण के लिए बुकिंग की सुविधा दी गई है। वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड और वोटर कार्ड आदि जैसे एड्रेस प्रूफ होना जरूरी है। नेशनल हेल्थ मिशन डायरेक्टर की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए वैक्सीन खरीदी है। इसलिए सिर्फ राज्य के लोगों को ही वैक्सीन लगाई जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कोरोना का टीका लगाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जो व्यक्ति सरकारी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सीनेशन के लिए पहुंचा है, वह यूपी का निवासी होना जरूरी है।
केवल तीन प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीनेशन
वहीं, अगर कोई निजी हॉस्पिटल में वैक्सीनेशन करवाना चाहता है तो इसके लिए नोएडा में तीन स्थान चिन्हित किए गए हैं। फोर्टिस हॉस्पिटल सेक्टर-62 में 1250 रुपए जमा करने पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जबकि सेक्टर-26 स्थित अपोलो हॉस्पिटल में कोविशील्ड वैक्सीन 850 रुपए में लगाई जा रही है। इसी तरह से सेक्टर-18 स्थित मैक्स अस्पताल में 900 देने पर टीकाकरण किया जा रहा है। इन प्राइवेट सेंटर पर रोजाना 100-199 लोगों का ही वैक्सीनेशन हो सकेगा।