नोएडा

Momo challenge क्या है और कैसे बच्चों के लिए है खतरनाक, नोएडावासी भी हैं परेशान

नोएडा समेत देशभर के लोगों के मन में एक ही सवाल है। वह सवाल है कि आखिर whatsapp momo challenge kya hai।

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Aug 28, 2018
Momo challenge क्या है और कैसे बच्चों के लिए है खतरनाक, नोएडावासी भी हैं परेशान

नोएडा।Blue Whale के बाद अब सोशल मीडिया पर मोमो चैलेंज (momo challenge) आने से नोएडा समेत देशभर के लोगों के मन में एक ही सवाल है। वह सवाल है कि आखिर मोमो चैलेंज क्या है (whatsapp Momo Challenge kya hai)। इतना ही नहीं, एक्सपर्ट्स की मानें तो momo challenge whatsapp के जरिए लोगों तक पहुंच रहा है। खासकर बच्चों को इससे दूर रखने की जरूरत है। कारण, वेस्ट बंगाल में momo challenge hindi के चलते ही दो सुसाइड के मामले सामने आए हैं। इसके बाद से ही नोएडा में भी पेरेंट्स सतर्क हो गए हैं।

बता दें कि कुछ समय पहले ब्लू व्हेल नाम का एक गेम आया था। जिसके कारण कई छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या (momo suicide) कर ली थी। इस गेम को सरकार द्वारा बैन कर दिया गया है। वहीं अब इसके बाद Momo Challenge game आया है। जो अब सुर्खियों में भी बना हुआ है। एक्सपर्ट का कहना है कि पेरेंट्स को जरूरत है कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें, ताकि किसी तरह ही अप्रिय घटना घटित न हो सके।

क्या है मोमो गेम

बता दें कि मोमो गेम या मोमो चैलेंज (momo whatsapp) Blue Whale Challenge की तरह ही है। यह सबसे पहले फेसबुक (facebook) पर देखा गया था। इसके बाद अब यह व्हाट्सएप मैसेज (whatsapp message) के जरिए खूब वायरल हो रहा है। यह भी दावा किया जा रहा है कि मोमो challenge जापान से शुरू हुआ है। इसमें एक डरावनी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। इतना ही नहीं, चैलेंज पूरा नहीं होने पर मोमो यूजर्स को धमकी देती है। इन सभी बातों से यूजर डर जाते हैं और मोमी बातें मानने लगते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

नोएडा में साइबर आर्मी संस्थान के संचालक किस्ले चौधरी बताते हैं कि ब्लू व्हेल के बाद whatsapp momo challenge आने से एक तरह का खौफ लोगों में है। इस गेम में यूजर (social media users) को पहले किसी अनजान शख्सा का नंबर दिया जाता है और इस इस नंबर पर चैटिंग शुरू करनी होती है। फिर यूजर को उस नंबर से डरावनी तस्वीारें और चैलेंज भेजना होता है। वहीं अगर इस चैलेंज को पूरे नहीं किया जाए तो उसे तरह-तरह की धमकी दी जाती है। इस गेम के जरिए यूजर का ब्रेन इस कदर वॉश कर दिया जाता है कि वह अपने सोचने-समझने की क्षमता तक खो देता है। ऐसे में सरकार को जरूरत है कि इस तरह के गेम आदि पर तुरंत बैन लगाया जाए। साथ ही पेरेंट्स को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान रखना चाहिए।

Updated on:
28 Aug 2018 07:13 pm
Published on:
28 Aug 2018 05:50 pm
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