नौकरी तलाश में बिहार से आई महिला की आपबीती
नोएडा. उत्तर प्रदेश में भले ही योगी आदित्यनाथ सरकार महिला सुरक्षा के लाख दावे करे, लेकिन इसके बावजूद महिलाएं यहां खुद को असहज महसूस करती हैं। दरअसल, इसी वजह से एक महिला को पूरी रात नोएडा स्थित जिला अस्पताल में बितानी पड़ी है। बताया जा रहा है कि महिला के पास घर जाने के लिए पैसे भी नहीं थे और ऐसी स्थिति में वह रात के अंधेरे में कहां जाती। इसलिए उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए जिला अस्पताल में एक रुपये की ओपीडी की पर्ची कटवाई और अस्पताल के एक कोने में छिपकर बैठ गई। सुबह जब उसे अस्पताल के गार्ड ने सोते हुए देखा तो अस्पताल प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला की मदद करते हुए उसका टिकट कटवाकर रेलवे स्टेशन तक छोड़ा।
ये भी पढ़ें
बता दें कि मामला गुरुवार का है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार निवासी मीना काम की तलाश में किसी परिचित के साथ दिल्ली आई थी। काफी तलाश के बाद भी उसे कहीं कोई काम नहीं मिल पाया। इधर, उसके पैसे भी खत्म हो चुके थे। अब उसे यह चिंता सता रही थी कि वह वापस घर कैसे जाएगी। वहीं माहौल भी ऐसा नहीं है कि वह सड़क पर रात गुजार सके। मीना ने बताया कि उसके पास रात को रुकने के लिए कोई जगह नहीं थी। वहीं अकेले होने के चलते उसे डर भी लग रहा था। इसलिए वह जिला अस्पताल में आकर बैठ गई।
मीना ने आगे कहा कि उसको कोई जिला अस्पताल से बाहर नहीं निकाले इसलिए उसने एक रुपये में ओपीडी की पर्ची बनवा ली और वहीं बैठ गई। गुरुवार दोपहर 2 बजे के बाद ओपीडी खाली हो चुकी थी। इसलिए वह चुपचाप एक कोने में छिपकर बैठ गई। गनीमत रही कि किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी और इस तरह उसने बैठे-बैठे ही पूरी रात गुजार दी। सुबह जब वह सो रही थी तो गार्ड ने उसको उठाते हुए कारण पूछा तो उसने आपबीती बताई। उसने गार्ड से कहा कि उसके घर वाले उसे लेने आएंगे। उसके पास कपड़ों का बैग भी था।
इसकी जानकारी गार्ड ने अस्पताल प्रशासन को दी तो उन्होंने महिला के घर जाने का इंतजाम कर रेलवे स्टेशन छुड़वाया। इस तरह मीना अपने घर के लिए रवाना हो सकी। मीना के अनुसार उसके पति ने उसे छोड़ दिया है। वह अब बिहार में ही माता-पिता के साथ रहती है। पिछले कई महीने से माता-पिता की तबियत भी खराब चल रही है। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। इसलिए घर का गुजारा चलाने के लिए वह काम की तलाश में यहां आई थी।