नोएडा

‘आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है’, डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 31 लाख की ठगी

Crime News: पहले महिला को डिजिटल अरेस्ट किया गया। इसके बाद उसके साथ 31 लाख की ठगी की गई। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुट गई है।

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Nov 07, 2025
डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 31 लाख की ठगी। फोटो सोर्स-AI

Crime News: साइबर ठगों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला नोएडा के सेक्टर-100 में सामने आया है। यहां एक महिला को वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट किया गया। इसके बाद उस पर डर और दबाव बनाकर 31 लाख रुपए ठग लिए गए।

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साइबर सेल में शिकायत दर्ज

पीड़िता को जब धोखाधड़ी का पता चला तो उसने साइबर सेल में मामले की शिकायत दर्ज कराई। जिन खातों में रकम भेजी गई, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया पुलिस ने शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों की तलाश भी जारी है।

महिला को बताया उनके खिलाफ समन हुआ है जारी

पीड़िता कुमुद बहादुर ने शिकायत में बताया, '' 24 अक्टूबर को एक अनजान कॉल आया। फोन करने वाले ने स्वयं को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) का अधिकारी बताया। उसने कहा कि केनरा बैंक में उनके आधार से जुड़े एक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। दिल्ली के दरियागंज थाने में उनके नाम FIR दर्ज है। उनके खिलाफ समन जारी हो चुका है।''

रोजाना 2 बार वीडियो कॉल

इसके कुछ ही देर बाद पीड़िता के पास एक वीडियो कॉल आया। कॉलर ने खुद को इस दौरान पुलिस अधिकारी बताया। फोन पर उसने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस की जानकारी दी। इसके बाद लगातार रोजाना 2 बार वीडियो कॉल होने लगे। महिला को चेतावनी दी गई कि वह यह जानकारी किसी से साझा ना करे, नहीं तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

31 लाख रुपए करवाए गए ट्रांसफर

ठगों ने महिला को कहा कि उनके बैंक खाते में 80 लाख रुपए ‘चैनलाइज’ किए गए हैं। साथ ही उनका फोन नंबर भी इस अपराध में शामिल है। इसके बाद पीड़िता को झूठा समन भेजा गया। जिसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट (SC) ने आदेश दिया है कि वह अपनी सारी नकदी और फिक्स्ड डिपॉजिट राशि एक जांच खाते में जमा करे। ऐसा करने के लिए महिला को पहले 2 दिनों की डेडलाइन दी गई, फिर इसे 4 दिनों तक बढ़ा दिया गया। ठगों के दबाव में आकर महिला ने 28 अक्टूबर को 23 लाख रुपए और अगले दिन 8 लाख रुपए ट्रांसफर किए। कुल 31 लाख रुपए उनके खाते से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

पीड़िता के पास आखिरी वीडियो कॉल 30 अक्टूबर की सुबह आया, जिसमें ठग ने खुद को ED अधिकारी बताया। कुछ सवाल-जवाब के बाद कॉल अचानक कट हो गया। इसके बाद पीड़िता को शक हुआ और उसने पूरा मामला अपने परिवार के सदस्यों को बताया। जिसके बाद साइबर सेल से संपर्क किया गया। फिलहाल साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है उन्हें ट्रैक कर फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

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