
Anahat Singh squash PM Modi Tweet: वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 (World Junior Squash Championship 2026) के बड़े एरीना में भारत की स्टार खिलाड़ी अनाहत सिंह ने एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने लड़कियों के सिंगल्स के खिताबी मुकाबले में मिस्र (Egypt) की रुकैया सलेम को 3-0 से करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही अनाहत वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली भारत की पहली स्क्वैश खिलाड़ी बन गई हैं।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनाहत की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर काफी खुशी जाहिर की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खास पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, '2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। गोल्ड मेडल जीतने और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनने पर अनाहत सिंह पर बहुत गर्व है। यह बड़ी सफलता देश के युवाओं में स्क्वैश के खेल को और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाएगी।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रविवार को अनाहत को उनकी इस शानदार जीत पर बधाई दी। उन्होंने इसे भारतीय खेलों के लिए एक बहुत ही गर्व का पल बताया। उन्होंने अपने एक्स (X) पोस्ट में लिखा कि अनाहत की यह ऐतिहासिक जीत हर एक युवा भारतीय एथलीट के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। यह भारत की दुनिया में बढ़ती खेल प्रतिभा का एक बहुत बड़ा सबूत है। रक्षा मंत्री ने अनाहत को भविष्य की सफलताओं के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं भी दीं।
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अनाहत के शानदार खेल और उनके दृढ़ संकल्प की जमकर तारीफ की। सीएम सरमा ने लिखा, 'इतिहास रच दिया गया है! वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर अनाहत सिंह को हार्दिक बधाई। आपकी इस शानदार सफलता ने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत युवा एथलीटों को प्रेरित किया है।'
फाइनल मैच में अनाहत ने बहुत ही बेहतरीन और आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने मिस्र की खिलाड़ी रुकैया सलेम को एकतरफा मुकाबले में सीधे सेटों में 11-3, 11-7, 11-9 के स्कोर से मात दी। इस बड़ी जीत के साथ ही अनाहत ने भारत की दिग्गज खिलाड़ी जोश्ना चिनप्पा के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। आपको बता दें कि जोश्ना साल 2005 में इस चैंपियनशिप में उपविजेता (रनर-अप) रही थीं। पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से इस टूर्नामेंट में यही भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन माना जाता था, जिसे अब अनाहत ने गोल्ड मेडल में बदलकर एक नई इबारत लिख दी है।