
Anahat Singh: भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 के महिला एकल वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय अनाहत को फाइनल मुकाबले में मलेशिया की शिवासंगारी सुब्रमण्यम के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले का स्कोर 4-11, 4-11 और 7-11 रहा। हार के बावजूद अनाहत ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। वह महिला एकल में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से भारतीय स्क्वैश में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
अनाहत सिंह को शिवासंगारी सुब्रमण्यम ने 3-0 से हराया। दोनों के बीच फाइनल मुकाबला महज 27 मिनट चला। अनाहत सिंह पहले दो गेम 4-11 और 4-11 से हार गईं। तीसरा गेम थोड़ा अधिक प्रतिस्पर्धी रहा, लेकिन इसमें भी उन्हें 7-11 से हार झेलनी पड़ी।
गौरतलब है कि 18 वर्षीय अनाहत ने सेमीफाइनल में विश्व नंबर-6 सातोमी वतनाबे के खिलाफ दो गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी। उन्होंने दो मैच प्वाइंट भी बचाए और एशियाई खेलों में महिला एकल स्क्वैश के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं।
हालांकि, फाइनल में अनुभवी शिवासंगारी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहला गेम 11-4 से जीता और दूसरे गेम में भी इसी अंतर से बढ़त बनाई। तीसरे गेम में भी मलेशियाई खिलाड़ी ने 11-7 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मलेशिया की शिवासंगारी सुब्रमण्यम के हाथों एशियन गेम्स के फाइनल में हार के साथ भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के क्वालीफिकेशन से चूक गईं। बता दें कि स्क्वैश 2028 ओलंपिक में पहली बार शामिल होगा। एशियन गेम्स की इस स्पर्धा की विजेता को सीधे ओलंपिक कोटा मिलना था।
भारत के अभय सिंह ने भी पुरुष एकल स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में मलेशिया के मौजूदा चैंपियन एनजी ईन यो ने उन्हें 11-9, 11-5 और 11-5 से हराया। अभय एशियाई खेलों में पुरुष एकल में सिल्वर जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष बने। उनसे पहले सौरव घोषाल ने 2014 और 2023 में सिल्वर मेडल जीता था। फाइनल में हार के कारण अभय भी लॉस एंजिल्स 2028 के लिए सीधे ओलंपिक कोटा हासिल नहीं कर सके।