
नई दिल्ली। पैरा ओलम्पिक में भारत को दो बार स्वर्ण पदक दिला चुके भारत के स्टार पैरा एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने अपने संन्यास का ऐलान कर दिया है। देवेंद्र फिलहाल जर्काता में जारी पैरा एशियन गेम्स 2018 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस टूर्नामेंट के बाद देवेंद्र हमेशा के लिए खेल के मैदान को छोड़ देंगे। देवेंद्र झाझरिया ने यह फैसला अपने कंधे की चोट को देखते हुए लिया है। बताते चले कि इस चोट की वजह से देवेंद्र लंबे समय से उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन कर पाने में नाकामयाब रह रहे थे।
झाझरिया ने दिया यह बयान-
अपने संन्यास के बारे में बात करते हुए देवेंद्र ने कहा कि वह अब 37 साल के हो रहे हैं और उनके कंधे में लगी चोट उन्हें काफी परेशान कर रही है। झाझरिया ने आगे बताया कि इस चोट की वजह वे पिछले एक साल से काफी परेशान है। देवेंद्र ने कहा कि वह अब अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं, जहां उन्हें अपने शरीर पर ध्यान देना चाहिए। यह सही वक्त है, उनके रिटायर होने का।
एक साल से टाल रहा थे फैसला-
झाझरिया ने कहा कि उनके मन में संन्यास लेने का फैसला एक साल पहले ही आ गया था। लेकिन वो उस समय से इसे टाल रहे थे। झाझरिया ने कहा कि रियो पैरागेम्स से ही वह कंधे की इस दर्द को झेल रहे हैं। झाझरिया ने कहा कि अब अपने शरीर पर इतना दबाव देने का कोई मतलब नहीं बनता। उन्होंने कहा कि वह अपनी रिटायरमेंट की घोषणा पहले ही कर सकते थे, लेकिन वह आखिरी बार जकार्ता पैरा गेम्स में भाग लेना चाहते थे।
राजस्थान के चुरू से हैं देवेंद्र-
गौरतलब हो कि देवेंद्र झाझरिया राजस्थान के चुरू जिले के रहने वाले हैं। बचपन में ही बिजली की चपेट में आने के कारण देवेंद्र को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा था। जिसके बाद से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। लेकिन भाला फेंक एथलीट बनने की चाहत में देवेंद्र में सभी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए बड़ा नाम कमाया। देवेंद्र की कामयाबी को देखते हुए भारत सरकार उन्हें पद्मश्री, राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित कर चुकी है।