
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फुटबॉल प्रेमियों को एक ऐसा दिन देखने को मिला जो इतिहास के पन्नो में दर्ज हो गया है। 'द एथलेटिक' की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ल्ड कप के इतिहास में पूरे 68 साल बाद ऐसा हुआ है, जब एक ही दिन ने खेले गए सभी चार मैच ड्रॉ (बराबर) पर छूटे हों। इससे पहले ऐसा अनोखा नजारा 15 जून 1958 को देखने को मिला था, जब एक दिन ने आठ मैच खेले गए थे।
दिन के पहले मुकाबले में अटलांटा के मैदान पर सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही केप वेर्डे की टीम ने दुनिया की दूसरी नंबर की टीम और मौजूदा युरोपियन चैंपियन स्पेन को 0-0 से बराबरी पर रोक दिया। केप वेर्डे के डिफेंस ने ऐसा जाल बुना कि स्पेन के स्टार खिलाड़ी एक भी गोल नहीं कर पाए।
दिन के दूसरे मैच में सिएटल में मिस्र (Egypt) और बेल्जियम के बीच भिड़ंत हुई। इमाम अशौर के शानदार गोल की बदौलत मिस्र अपनी पहले वर्ल्ड कप जीत के बेहद नजदीक था। लेकिन तभी बेल्जियम के रोमेलु लुककू मैदान पर आए और उनके आते ही पहले मिनट में मिस्र से एक ओन गोल (आत्मघाती गोल) हो गया। यह मैच 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ।
तीसरे मुकाबले में मियामी के मैदान पर उरुग्वे का सामना सऊदी अरब से हुआ। सऊदी अरब इस मैच को जीतने की कगार पर था, लेकिन 80वें मिनट में मैक्सिमिलियानो अराउजो ने उरुग्वे के लिए बराबरी का गोल दाग दिया। यह मैच भी 1-1 से ड्रॉ रहा, जिसके बाद ग्रुप एच की सभी चारों टीमों (स्पेन, केप वर्डे, उरुग्वे और सऊदी अरब) के खाते में एक-एक अंक आ गया है।
दिन का आखिरी मुकाबला लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में खेला गया। यहां ईरान और न्यूजीलैंड के बीच बेहद रोमांचक टक्कर देखने को मिली और मैच 2-2 की बराबरी पर छूटा। न्यूजीलैंड का वर्ल्ड कप में जीत न पाने का सिलसिला अब 7 मैचों का हो गया है, जबकि ईरान पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंचने की कोशिश में है। अब अगले मैचों में ईरान का सामना बेल्जियम से लॉस एंजिल्स में होगा, जबकि न्यूजीलैंड की टीम वैंकूवर में मिस्र से भिड़ेगी।