
CWG 2026 में नीरज चोपड़ा (फोटो- IANS)
Team India At CWG 2026 Glasgow: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत की झोली में एक भी पदक नहीं आया। इसके बावजूद भारत ने लगातार सातवीं बार टॉप-5 में जगह बनाई है। आखिरी बार भारत 1998 के कुआलालंपुर गेम्स में टॉप-5 से बाहर हुआ था, जहाँ सिर्फ 7 गोल्ड मेडल सहित भारत के नाम कुल 25 पदक आए थे। उसके बाद 2002 के मैनचेस्टर गेम्स में भारत ने 30 गोल्ड मेडल जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। 2006 के मेलबर्न गेम्स में भारत 22 गोल्ड के साथ कुल 50 मेडल जीतकर चौथे स्थान पर रहा। 2010 के नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने इतिहास रच दिया और 38 गोल्ड सहित 101 मेडल जीते। भारत ने पहली बार 100 पदकों के आंकड़े को पार किया और ऑस्ट्रेलिया के पीछे दूसरे स्थान पर रहा।
ग्लासगो 2014 गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा और सिर्फ 15 गोल्ड मेडल आए, जिसकी वजह से भारत पांचवें स्थान पर खिसक गया। गोल्ड कोस्ट 2018 में भारत ने 26 गोल्ड जीते और 66 मेडल के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। बर्मिंघम 2022 गेम्स में 21 गोल्ड और कुल 61 मेडल के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा था, तो वहीं ग्लासगो 2026 में 13 गोल्ड सहित 39 मेडल जीतकर फिर से चौथा स्थान हासिल किया है।
आपको बता दें कि कुल पदकों के लिहाज से 1998 के बाद भारत के सबसे कम मेडल आए हैं। 1998 में भारत सिर्फ 25 मेडल जीत पाया था और उसके बाद इस बार सबसे कम 39 मेडल आए हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत ने अपनी चौथी ओवरऑल रैंक हासिल कर ली।
भारत के नाम अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में 215 गोल्ड, 207 सिल्वर और 180 ब्रॉन्ज मेडल दर्ज हैं। यानी कुल 602 मेडल के साथ भारत कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पदक जीतने के मामले में चौथे स्थान पर है। ग्लासगो में सिर्फ 39 मेडल जीतने के बावजूद चौथी रैंक हासिल करने की वजह से इसे भारत के लिए मिला-जुला प्रदर्शन माना जा सकता है।
कम मेडल आने का मुख्य कारण यह रहा कि जिन खेलों में भारत के सबसे ज्यादा मेडल आते थे, उनमें से कई बड़े इवेंट्स हटा दिए गए थे। शूटिंग में भारत ने इतिहास में सबसे ज्यादा 63 गोल्ड और कुल 135 मेडल जीते हैं, लेकिन इस बार शूटिंग खेलों का हिस्सा नहीं थी। इसके अलावा रेसलिंग (कुश्ती) में भारत ने अब तक 49 गोल्ड और कुल 114 पदक जीते हैं, वह भी इस बार शामिल नहीं थी। साथ ही बैडमिंटन (31 मेडल), टेबल टेनिस (28 मेडल) और आर्चरी (तीरंदाजी - 8 मेडल), जिनमें भारत का दबदबा रहता था, वे भी इन खेलों का हिस्सा नहीं थे।
Updated on:
03 Aug 2026 08:46 am
Published on:
03 Aug 2026 08:46 am
