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CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने आखिरी 2 दिन में बरसाए मेडल, हासिल की इतिहास की तीसरी सबसे बेस्ट रैंक

Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में आयोजित 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने 171 मेडल जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। भारत ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 गोल्ड सहित कुल 39 मेडल जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (फोटो-IANS)

India At Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत आखिरी दिन एक भी पदक नहीं जीत सका, जिससे उसे 39 मेडल से संतोष करना पड़ा। पदकों के लिहाज से यह 1998 के बाद भारत का सबसे खराब प्रदर्शन है लेकिन रैंकिंग के हिसाब से टीम इंडिया ने लगातार 7वीं बार टॉप 5 में अपनी जगह बरकरार रखी। इस साल रेसलिंग, हॉकी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शूटिंग जैसे इवेंट्स को खेलो से बाहर रखा गया, जिससे भारत 50 मेडल के करीब भी नहीं पहुंच सका। 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत चौथे स्थान पर हा।

171 मेडल के साथ टॉप पर रहा ऑस्ट्रेलिया

2 अगस्त को ग्लासगो में खेलों का आखिरी दिन था और ऑस्ट्रेलिया ने सर्वाधिक मेडल जीतकर शीर्ष पायदान हासिल किया। ग्लासगो 2026 में 74 कॉमनवेल्थ देशों और अन्य रीज़न के 3,000 से ज़्यादा एथलीट्स ने 16 खेलों में हिस्सा लिया। इनमें 10 एबल-बॉडी और 6 इंटीग्रेटेड पैरा स्पोर्ट्स शामिल रहे। 216 मेडल इवेंट्स वाले 23वें एडिशन में कुल 674 मेडल दिए गए। ऑस्ट्रेलिया कुल 171 मेडल के साथ शीर्ष पर रहा, जिसने 70 गोल्ड, 45 सिल्वर और 56 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। यह देश स्विमिंग और पैरा स्विमिंग में सर्वाधिक 76 मेडल (37 गोल्ड, 16 सिल्वर, 23 ब्रॉन्ज) अपने नाम करने में सफल रहा।

ओवरऑल मेडल टैली में इंग्लैंड 110 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इस देश ने 29 गोल्ड, 45 … सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज हासिल किए। बाउल्स/पैरा बाउल्स में इंग्लैंड के नाम 3 गोल्ड के साथ कुल 6 मेडल रहे। वहीं, कनाडा कुल 62 मेडल के साथ तीसरे पायदान पर रहा, जिसने 19 गोल्ड, 20 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल जीते। कनाडा ने आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक में 7 गोल्ड निकाले।

भारत ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल रहे। एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में देश के नाम 16 मेडल रहे। वहीं, बॉक्सिंग में भारत एक महाशक्ति बनकर उभरा, जिसने सर्वाधिक 7 गोल्ड अपने नाम किए। इसके अलावा, वेटलिफ्टिंग में भारत ने कुल 8 मेडल हासिल किए। जूडो में भारत ने अपना दमखम दिखाते हुए कुल 4 मेडल जीते। पैरा-पावरलिफ्टिंग में भारत ने एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

कम सिल्वर की वजह से पिछड़ा स्कॉटलैंड

मेडल टैली में पांचवें स्थान पर मौजूद स्कॉटलैंड कुल 39 पदकों और गोल्ड मेडल के मामले में भारत की बराबरी पर रहा। इस देश ने 13 गोल्ड, 9 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज जीते। वहीं, न्यूजीलैंड 10 गोल्ड, 14 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज जीतकर कुल 36 मेडल के साथ छठे स्थान पर रहा। नाइजीरिया ने कुल 24 मेडल हासिल किए। इनमें 10 गोल्ड, 7 सिल्वर और इतने ही ब्रॉन्ज शामिल रहे। इस देश ने वेटलिफ्टिंग में 3 गोल्ड हासिल किए। जमैका कुल 19 मेडल (10 गोल्ड, 4 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज) के साथ आठवें पायदान पर रहा। सभी 10 गोल्ड जमैका को एथलेटिक्स/पैरा एथलेटिक्स में हाथ लगे।

वेल्स ने 9 गोल्ड, 10 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज के साथ कुल 31 मेडल हासिल किए। ट्रैक साइकिलिंग/पैरा ट्रैक साइकिलिंग में इस देश ने 6 गोल्ड के साथ कुल 11 मेडल अपने नाम किए। वहीं, मलेशिया ने वेटलिफ्टिंग में अपना दमखम दिखाते हुए 5 गोल्ड हासिल किए। यह देश कुल 16 मेडल के साथ मेडल टैली में 10वें पायदान पर रहा, जिसमें 8 गोल्ड, 3 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे।

2010 में मिली थी बेस्ट रैंक

भारत को इससे पहले सबसे खराब रैंक 1998 खेलों में मिली थी, जब भारतीय दल ने सिर्फ 25 मेडल जीता था और उसे 7वें स्थान पर रहना पड़ा था। 2010 में आयोजित दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 से ज्यादा पदक जीते और ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। अब तक भारत ने 215 गोल्ड सहित 602 मेडल जीते हैं।