
India vs Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बीच सियासी तनाव के चलते लंबे समय से क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाए हैं। इसी बीच रिपोर्ट आ रही है कि ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान भारतीय एथलीट खुद तय कर सकते हैं कि वे पाकिस्तानी एथलीटों से हाथ मिलाएंगे या फिर नमस्ते करेंगे। बताया जा रहा है कि भारतीय लॉन बॉल अधिकारियों ने खिलाड़ियों से कहा है कि इसमें कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि पड़ोसी देश के खिलाड़ियों से तोहफे लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के दल ज्यादातर ग्लासगो के जोन-बेस्ड रहने के सिस्टम के तहत एक ही होटल में रुकेंगे, न कि पारंपरिक एथलीट विलेज में रुकेंगे। इसलिए गेम्स के दौरान दोनों देशों के एथलीटों के बीच बातचीत होना जरूरी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्लासगो में भारतीय खेल अधिकारियों ने अपने दल के साथ इस मुद्दे पर चर्चा भी की है। हालांकि पाकिस्तानी एथलीटों से गिफ्ट लेने के लिए साफ तौर पर मना कर दिया गया है।
रिपोर्ट की मानें तो हाथ मिलाने और नमस्ते करने का फैसला एथलीटों और कुछ मामलों में उनके अपने नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) की गाइडेंस पर छोड़ दिया गया है। इस मामले पर अधिकारियों ने कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किए हैं।
बता दें कि एथलेटिक्स में भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अरशद नदीम अपने कॉम्पिटिशन से पहले जोन-3 में एक ही होटल में ठहरे हुए हैं, जिससे दोनों के बीच बातचीत की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग खेलों ने अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। लॉन बॉल अधिकारियों ने भारतीय खिलाड़ियों से कहा है कि पाकिस्तानी एथलीटों से हाथ मिलाने, हाई-फाइव करने या नमस्ते करने में कोई परेशानी नहीं है।
दरअसल, भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय सियासी तनाव बना हुआ है। इसकी वजह से इन दोनों देशों के बीच क्रिकेट की बाइलेटरल सीरीज नहीं खेली गई है। अब भारत-पाक क्रिकेट के मैदान पर सिर्फ मल्टीनेशनल इवेंट्स में भिड़ते हैं। क्रिकेट में भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने एशिया कप से हाथ मिलाने से भी परहेज किया है। इसके उलट दोनों देशों की जूनियर हॉकी टीमों ने अपने सुल्तान ऑफ़ जोहोर कप मैच के बाद हाईफाइव किए।