World Junior Chess Championship: 2008 के बाद एक बार फिर भारत का एक खिलाड़ी वर्ल्ड जूनियर शतरंज चैंपियन बना है। आखिरी बार 17 साल पहले ये खिताब अभिजीत गुप्ता ने जीता था तो वहीं अब 18 वर्षीय प्रणव वेंकटेश जूनियर चैंपियन बने हैं। अब तक कुल 4 भारतीय खिलाड़ी ये खिताब अपने नाम कर चुके हैं।
World Junior Chess Championship: डी गुकेश के बाद भारत को एक और विश्व चैंपियन मिल गया है। ये हैं 18 साल के प्रणव वेंकटेश, जिन्होंने विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में खिताब जीत लिया। 17 साल के लंबे इंतजार के बाद कोई भारतीय खिलाड़ी विश्व जूनियर चैंपियन बना है। 2008 में अंतिम बार भारत के अभिजीत गुप्ता ने यह खिताब जीता था। प्रणव ने शुक्रवार को मोंटेनेग्रो के पेट्रोवाक में 11वें और अंतिम दौर में स्लोवेनिया के मैटिक लेवरेंसिक के खिलाफ ड्रॉ खेलकर विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप (अंडर-20) जीत ली।
यह खिताब जीतने के साथ ही प्रणव एक खास क्लब में शामिल हो गए हैं। उनसे पहले अभिजीत गुप्ता 2008, पी हरिकृष्णा 2004 और विश्वनाथन आनंद ने 1987 में विश्व जूनियर चैंपियनशिप अपने नाम की थी। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख 2024, डी हरिका 2008 और कोनेरू हम्पी 2001 में विश्व जूनियर चैंपियन बनी थीं।
बेंगलूरु में जन्में प्रणव ने छह साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने 2021 में सर्बिया ओपन और 2022 में हंगरी के बुडापेस्ट में अपने पहले दो ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किए थे। अगस्त 2022 में, रोमानिया के बाया मारे में लिम्पेडिया ओपन जीतकर वे ग्रैंडमास्टर बने। वे भारत के 75वें और तमिलनाडु के 27वें ग्रैंडमास्टर खिलाड़ी बने।