
Neeraj Chopra, Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने निराशाजनक प्रदर्शन किया है। नीरज 79.61 मीटर थ्रो के साथ पांचवें नंबर पर रहे। यह थ्रो क्वालिफिकेशन मार्क के आसपास भी नहीं है। फाइनल्स के लिए क्वालिफिकेशन मार्क 84 मीटर रखा गया था।
नीरज ने अपने पहले अटैम्प्ट में 76.28 मीटर का थ्रो किया। दूसरे अटैम्प्ट में उन्होंने इसे सुधारा और 79.61 मीटर का थ्रो किया। हालांकि उन्होंने तीसरा अटैम्प्ट नहीं लिया, क्योंकि वे टॉप 12 में थे। नीरज भले ही क्वालिफिकेशन मार्क पार नहीं कर पाये, लेकिन 5वें नंबर पर रहते हुए उन्होंने फ़ाइनल में जगह बना ली है। क्वालिफिकेशन मुकाबले में नीरज के अलावा भारत के रोहित यादव और यशवीर भी उतरे थे।
क्वालीफिकेशन राउंड में यशवीर सिंह ने पहले प्रयास में 73.89 मीटर और दूसरे में 74.45 मीटर का थ्रो किया। तीसरे और आखिरी प्रयास में उन्होंने 78.36 मीटर फेंककर क्वालीफाई किया। रोहित यादव ने पहले थ्रो में 77.04 मीटर और दूसरे में 78.37 मीटर का प्रदर्शन किया। क्वालीफिकेशन पक्का होने के बाद उन्होंने तीसरा थ्रो नहीं किया। रोहित 9वें और यशवीर 10वें स्थान पर रहे।
पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने 78.63 मीटर का अपना सीजन बेस्ट थ्रो किया, लेकिन इससे बेहतर नहीं कर सके। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे ने पहले ही प्रयास में 82.84 मीटर का शानदार थ्रो कर क्वालीफिकेशन राउंड में टॉप स्थान हासिल किया।
इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) ने नीरज से आगे रहते हुए चौथा स्थान हासिल किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकिन्टायर (78.91 मीटर), पाकिस्तान के अरशद नदीम (78.63 मीटर), बहामास के कीशॉन स्ट्रैचन (78.60 मीटर), त्रिनिदाद और टोबैगो के केशॉर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर) और नाइजीरिया के चिनेचेरेम न्नामदी (75.27 मीटर) भी आगे बढ़े। सिर्फ चार एथलीट ही 80 मीटर का मार्क पार कर पाए।
क्वालिफिकेशन राउंड से 12 बेस्ट थ्रो वाले खिलाड़ी फाइनल में जगह बनाएंगे। फाइनल्स के लिए क्वालिफिकेशन मार्क 84 मीटर रखा गया था, जिसे कोई भी एथलीट पार नहीं कर पाया। ऐसे में 12 बेस्ट थ्रो वाले खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे हैं। इसमें पाकिस्तान के अरशद नदीम समेत भारत के तीनों एथलीट शामिल हैं।
नीरज चोपड़ा सितंबर 2025 से कमर की चोट से परेशान चल रहे हैं। इसी वजह से उनका सीजन देर से शुरू हुआ। जून में दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो किया, जो उनके अपने ऊंचे स्तर के हिसाब से औसत रहा। स्विट्जरलैंड में एक महीने की रिहैबिलिटेशन और ट्रेनिंग के बाद 28 साल के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता अब पुराने फॉर्म में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। वो 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स की तरह यहां भी गोल्ड जीतना चाहेंगे, जहां उन्होंने 86.47 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता था। 2022 गेम्स वे चोट के कारण मिस कर चुके हैं।