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मुक्केबाजी : भारत का स्वर्णिम छक्का, सनमचा चानू ने जीता स्वर्ण

भारतीय महिला मुक्केबाज सनमचा चानू (75 किग्रा) ने एआईबीए यूथ पुरुष और महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जीत दर्ज करके गुरुवार को स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया.....  
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Updated: 22 Apr 2021, 11:24 PM IST
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नई दिल्ली। भारतीय महिला मुक्केबाज सनमचा चानू (Sanamacha Chanu) (75 किग्रा) ने पोलैंड के किल्से में जारी एआईबीए यूथ पुरुष और महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप (AIBA Youth World Boxing Championships) में अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जीत दर्ज करके गुरुवार को स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट में भारत का यह लगातार छठा स्वर्ण पदक है। यूथ विश्व चैंपियनशिप में भारत का यह अब का बेस्ट और ऐतिहासिक प्रदर्शन है। भारत ने इससे पहले गुवाहाटी में 2017 में यूथ विश्व चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण पदक जीता था। इम्फाल में मैरी कॉम अकेडमी में ट्रेनिंग करने वाली सनमचा ने स्वर्ण पदक मुकाबले में कजाकिस्तान की दाना दिदाय को 5-0 से पराजित किया।

टूर्नामेंट के नौवें दिन भारत का यह लगातार छठा स्वर्ण पदक है। सनमाचा से पहले अरुंधति चौधरी (69 किग्रा), विंका (60 किग्रा), साल 2019 की एशियन यूथ चैंपियन बेबीरोजीसाना चानू (51 किग्रा), पूनम (57 किग्रा) और गीतिका (48 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। चानू ने फाइनल में रूस की वेलेरिया लिंकोवा को 5-0 से जबकि गीतिका ने पोलैंड की नतालिया डोमिनिका को एकतरफा अंदाज में 5-0 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीता।

वहीं, पूनम ने फाइनल में स्टील्नी ग्रॉसी को 5-0 से करारी शिकस्त दी जबकि झुलडीज श्याखेतोवा के खिलाफ पांच जजों ने सर्वसम्मति से विंका को विजेता घोषित किया। अरुंधति ने फाइनल में पोलैंड की बरबरा मासिंर्कोव्स्का को 5-0 से करारी मात दी। 20 सदस्यीय भारतीय दल ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 11 पदक हासिल करके इतिहास रच दिया है। भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 10 पदकों का था, जो उसने 2018 में हंगरी में विश्व युवा चैंपियनशिप में जीता था।

इससे पहले, पुरुषों के वर्ग में विश्वामित्र चोंगथोम (49 किग्रा), अंकित नरवाल (64 किग्रा) और विशाल गुप्ता (91 किग्रा) ने सेमीफाइनल में देश के लिए तीन कांस्य पदक जीते। 10 दिवसीय टूर्नामेंट में पुरुष और महिला मुक्केबाज एक साथ भाग ले रहे हैं। इससे पहले, हंगरी में 2018 में पहली बार पुरुषों और महिलाओं की चैंपियनशिप एक साथ खेली थी। टूर्नामेंट में 52 देशों के 414 मुक्केबाजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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