पाकिस्तानी मीडिया ने रविवार को भारत और पाकिस्तान को कोरियाई देशों का अनुसरण करते हुए अमन की राह अख्तियार करने की सलाह दी।
नई दिल्ली। पाकिस्तानी मीडिया ने भारत और पाकिस्तान को कोरियाई देशों का अनुसरण करते हुए अमन की राह अख्तियार करने की सलाह दी है। रविवार को एक पाकिस्तानी अखबार ने अपने संपादकीय में उत्तर कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष किम जोंग-उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि सही मायने में पाकिस्तान और भारत के बीच अमनपसंदी के रिश्ते कोरिया के सवाल से कम महत्वपूर्ण नहीं हैं।
रिश्तों में 70 साल से उदासी
अखबार ने पूछा कि भारत और पाकिस्तान के मुखिया कब इस गतिरोध को दूर करने की दिशा में अपेक्षित परिपक्वता दिखाएंगे, जिसके चलते दोनों देशों के रिश्तों में 70 साल से उदासी छायी है? ऐसा करना उनके अपने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हित में है। हालांकि पाकिस्तान के दूसरे अखबार 'डॉन' के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव मूल रूप से दोनों कोरियाई देशों से अलग है, फिर दोनों देशों के लोग अमन के आकांक्षी हैं। बता दें कि हाल ही में साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के नेताओं के बीच हुई शिखर वार्ता में दोनों देशों के रिश्तों में सालों से जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात के दौरान नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने साफ कहा है कि उसकी मंशा अब परमाणु हथियारों पर रोक लगाना है। यही ने किम ने अपने समकक्ष के साथ जारी किए संयुक्त बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच अब जंग नहीं, बल्कि शांति होगी।
वाजपेयी की लाहौर यात्रा को किया याद
अखबार ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के लोगों के सपने, आकांक्षाएं समान हैं। दोनों देशों में सांस्कृतिक समानताएं हैं और इस क्षेत्र में शांति और सामान्य माहौल बनाना सबसे आदर्श लक्ष्य है। अखबार ने 1999 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा को याद किया जिससे दोनों देशों के बीच अभूतपूर्व आशाएं व अपेक्षाएं पैदा हुई थीं।