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पाकिस्तान: भारतीय उच्चायोग के 12 अधिकारियों को क्वारंटीन होने के दिए गए निर्देश

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी के अनुसार, 12 भारतीय उच्चायोग के अधिकारी और उनके परिवारों के एक समूह ने 22 मई को वाघा सीमा के माध्यम से पाकिस्तान में प्रवेश किया था, जहां उनका टेस्ट किया गया था। रिपोट्स में पुष्टि हुई है कि एक अधिकारी की पत्नी कोरोना पॉजिटिव थी।

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May 25, 2021
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Pakistan Indian High Commission

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है और लगातार हर दिन नए मामले दर्ज हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी ऐहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

इस बीच पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग के 12 अधिकारियों को क्वारंटीन होने का निर्देश दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारतीय उच्चायोग (IHC) के कम से कम 12 अधिकारियों को क्वारंटीन होने को कहा है। भारत से पाकिस्तान आने पर एक अधिकारी की पत्नी के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस्लामाबाद ने सभी अधिकारियों को तुरंत खुद को क्वारंटीन करने को कहा है।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी के अनुसार, 12 भारतीय उच्चायोग के अधिकारी और उनके परिवारों के एक समूह ने 22 मई को वाघा सीमा के माध्यम से पाकिस्तान में प्रवेश किया था, जहां उनका टेस्ट किया गया था। रिपोट्स में पुष्टि हुई है कि एक अधिकारी की पत्नी कोरोना पॉजिटिव थी।

दोनों देशों के बीच बनी है आपसी सहमति

बता दें कि टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद नेशनल कमांड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) द्वारा समीक्षा की गई और फिर अपने परिवार के सदस्यों और ड्राइवरों सहित सभी 12 अधिकारियों को अनिवार्य आइसोलेट होने की सलाह दी।

भारत और पाकिस्तान ने आपसी सहमति से ये तय किया है कि यदि कोई राजनयिक कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्य कोरोना पॉजिटिव टेस्ट होते हैं, तो उन्हें आइसोलेट होने के लिए कहा जाएगा या उन्हें अपने देश लौटने के लिए कहा जा सकता है। इसी सहमति के तहत पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है।

हवाई अड्डों पर 10 दिनों तक आइसोलेट रहना अनिवार्य

आने वाले यात्रियों के लिए एनसीओसी द्वारा तैयार किए गए पाकिस्तान में नए प्रोटोकॉल के अनुसार, पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर 10 दिनों के आइसोलेट के साथ एक अनिवार्य टेस्ट किया जाएगा।

एक यात्री के पॉजिटिव टेस्ट के मामले में, व्यक्ति को एक क्वारंटीन कर दिया जाएगा, जहां नौ दिनों के बाद उसका टेस्ट किया जाएगा और अगर दोबारा रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो व्यक्ति को अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

Updated on:
25 May 2021 09:53 pm
Published on:
25 May 2021 09:48 pm