पाली

राजस्थान में पहली बार ₹15 लाख रुपए की लागत से लगेगा ये अनोखा प्लांट, महिलाओं-युवाओं को मिलेगा रोजगार

Rajasthan News: राजस्थान के पाली जिले के सोजत में महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर एक अनोखी पहल शुरू होने जा रही है। यहां बकरी के दूध से साबुन और शैंपू बनाने का प्रदेश का पहला संगठित प्लांट लगाया जाएगा।
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May 19, 2026
Rojgaar For Woman And Youth
फोटो: AI

Goat Milk Soap-Shampoo Manufacturing Plant: राजस्थान के पाली जिले के सोजत में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। यहां बकरी के दूध से साबुन और शैंपू बनाने का प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान कार्यक्रम के तहत लगाया जा रहा है। खास बात यह है कि यह प्रदेश का पहला संगठित गोट मिल्क साबुन और शैंपू निर्माण प्लांट होगा। इस परियोजना पर करीब 15 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

सोजत नगरपालिका के सामुदायिक भवन में स्थापित होने वाली इस इकाई से लगभग 1000 ग्रामीण परिवारों को जोड़ा जाएगा। इन परिवारों से बकरी का दूध एकत्रित किया जाएगा, जिसके माध्यम से साबुन और शैंपू तैयार किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और पशुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा।

महिलाओं को मिलेगा रोजगार

इस परियोजना से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। महिलाओं को उत्पादन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। राजीविका का उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें छोटे उद्योगों के संचालन में भी सक्षम बनाना है।

प्रस्तावित उत्पादों की कीमत भी आम लोगों को ध्यान में रखकर तय की गई है। 100 ग्राम गोट मिल्क साबुन की कीमत करीब 40 रुपए और 500 मिलीलीटर शैंपू की कीमत लगभग 150 रुपए रखी जाएगी। इन उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों, मेलों, सरस आउटलेट्स, आयुर्वेदिक स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी।

अपनी तरह का पहला प्लांट

प्रदेश में स्थापित होने वाला यह संगठित प्लांट अपनी तरह का पहला होगा। बकरी का दूध त्वचा और बालों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। इसमें उच्च फैट, विटामिन ए, डी और ई के साथ प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग गुण पाए जाते हैं। प्लांट में सोजत की प्रसिद्ध हैदराबादी नस्ल की बकरियों के दूध का उपयोग किया जाएगा। इससे तैयार उत्पाद प्राकृतिक और त्वचा के अनुकूल होंगे। ये परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
सविता टी. जिला परियोजना प्रबंधक, राजीविका पाली

Updated on:
19 May 2026 02:22 pm
Published on:
19 May 2026 07:13 am