
Jain Sadhvi Shubha Sheela: पाली शहर में बेसहारा गोवंश का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम की लापरवाही के चलते आए दिन आमजन और श्रद्धालु इन मवेशियों के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। अभी बीते 3 जुलाई को एक सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई बुजुर्ग महिला शांति देवी जोधपुर के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ ही रही हैं, कि इस बीच शहर में गुरुवार को एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस बार एक हिंसक सांड ने जैन साध्वी शुभ शीला पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
घटना गुरुवार सुबह करीब 11:36 बजे की है। नवलखा मंदिर से साध्वी शुभ शीला अपने एक सहयोगी युवक विपुल के साथ गोचरी (भिक्षाटन) के लिए डेंडों का वास क्षेत्र पहुंची थीं। साध्वी अभी मोहल्ले में दाखिल ही हुई थीं कि वहां खड़े एक सांड ने अचानक पीछे से उन पर जोरदार हमला कर दिया। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से साध्वी बुरी तरह घबरा गईं और उन्होंने किसी तरह दौड़कर अपनी जान बचाई।
इस दौरान उनके साथ आए युवक विपुल ने अदम्य साहस दिखाते हुए सांड के सींग पकड़ लिए और उसे पीछे धकेलने का प्रयास किया। इसी बीच हंगामे को देखकर एक अन्य स्थानीय युवक हाथ में लकड़ी लेकर मौके पर पहुंचा और उसने आसपास जमा गायों और सांडों को खदेड़ा।
इस हमले में साध्वी शुभ शीला के हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, गोचरी के लिए उनके पास मौजूद बर्तन भी जमीन पर गिरकर टूट गए। घटना के बाद घायल साध्वी का चिकित्सकों से उपचार कराया गया है। उन्हें बचाने के प्रयास में युवक विपुल को भी चोटें आई हैं।
स्थानीय निवासी आदित्य जैन ने बताया कि डेंडों का वास क्षेत्र में हर समय 10 से 15 बेसहारा मवेशी जमा रहते हैं। इसी डर की वजह से साध्वी ने पहले इस क्षेत्र में गोचरी के लिए आने से साफ मना कर दिया था। हालांकि, मोहल्ले के लोगों के काफी आग्रह करने पर वे यहां आने को राजी हुईं, लेकिन आते ही इस हादसे का शिकार हो गईं। इस घटना से व्यथित होकर साध्वी ने अब दोबारा इस क्षेत्र में कदम न रखने की बात कही है।
बेसहारा मवेशियों की इस विकराल समस्या को लेकर नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। निगम की इस अनदेखी के कारण पूरे मोहल्ले में दहशत और भारी आक्रोश का माहौल है।
-आदित्य जैन, स्थानीय निवासी
दूसरी ओर, बीती 3 जुलाई को मंदिर जाते समय ओवरब्रिज के नीचे सांड के हमले का शिकार हुई 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला शांति देवी का उपचार अभी भी जोधपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उनके पुत्र हरीश प्रजापत ने बताया कि हमले में शांति देवी के सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी करीब नौ पसलियां टूट गई थीं।
कई दिनों के सघन उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पहली बार पलंग पर बैठाया है। डॉक्टर अब इस बात की निगरानी कर रहे हैं कि बैठने के दौरान उन्हें कोई शारीरिक तकलीफ या सांस लेने में दिक्कत तो नहीं हो रही है। उनकी हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। लगातार हो रहे इन हादसों ने पाली नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है और शहर की कानून-व्यवस्था व जन सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।