
Pali Snake Catcher: पाली जिले के तखतगढ़ कस्बे में बुधवार शाम एक घर से कोबरा सांप का रेस्क्यू करना स्नेक कैचर को भारी पड़ गया। कस्बे के गौशाला स्थित आंगनबाड़ी के निकट एक मकान में कोबरा घुसने की सूचना मिली थी। इस पर स्नेक कैचर संजय कुमार (40) पुत्र बाबूलाल वाल्मीकि तुरंत मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के दौरान कोबरा ने उनकी एक उंगुली पर डस लिया। इस खतरनाक स्थिति के बावजूद संजय ने हिम्मत नहीं हारी और अपना काम पूरा किया। उन्होंने सांप को सुरक्षित पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया।
घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें तखतगढ़ के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पाली के बांगड़ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रात करीब 12 बजे उन्हें बांगड़ अस्पताल के ओल्ड आईसीयू में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर सही उपचार मिलने से संजय की स्थिति में अब काफी सुधार है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
इस घटनाक्रम में हैरान करने वाली बात तब सामने आई, जब रेस्क्यू किए गए कोबरा को परिजन घायल स्नेक कैचर संजय कुमार के साथ ही पहले तखतगढ़ अस्पताल और फिर पाली ले आए। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बांगड़ अस्पताल के ओल्ड आईसीयू वार्ड में डिब्बे में बंद कोबरा रखा मिला।
जैसे ही अस्पताल के चिकित्सा कर्मियों की नजर इस पर पड़ी, वहां हड़कंप मच गया। अस्पताल स्टॉफ ने परिजनों को तुरंत डांट लगाई और सांप को अस्पताल परिसर से बाहर ले जाकर जंगल में सुरक्षित छोड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद परिजन डिब्बे को दूर ले गए और कोबरा को जंगल में मुक्त किया।
पाली शहर में सर्पदंश का एक और मामला सामने आया है। यहां स्थित महाराजा उम्मेद मिल में गुरुवार सुबह नाश्ता कर रही एक महिला मजदूर को सांप ने डस लिया। इस घटना के बाद मिल की कैंटीन में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, सर्वोदय नगर निवासी मंजू देवी (36) पत्नी सुभाष वाल्मीकि उम्मेद मिल में कार्यरत हैं। सुबह के समय वह अन्य महिला कर्मचारियों के साथ कैंटीन में बैठकर नाश्ता कर रही थीं, तभी अचानक एक सांप ने उनके पैर पर डस लिया।
कैंटीन में सांप को देखते ही वहां मौजूद मजदूरों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही परिजन मिल पहुंचे और मंजू देवी को तुरंत बांगड़ अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।