सूरत के ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट में खुद को आयकर अधिकारी बताकर एक व्यक्ति ने व्यापारी से लाखों रुपए वसूलने की कोशिश की। वराछा पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पाली। सूट-बूट, टाई, आंखों पर चश्मा और हाथ में आयकर विभाग की फाइलें। नजारा कुछ ऐसा था मानो ‘स्पेशल 26’ फिल्म का कोई दृश्य चल रहा हो, लेकिन यह फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि सूरत के ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट में सामने आई हकीकत है। राजस्थान से आए एक व्यक्ति ने खुद को आयकर अधिकारी बताकर एक व्यापारी से चार लाख रुपए की मांग की। हालांकि उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चली और वराछा पुलिस ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान राजस्थान के पाली जिले के बीजापुर निवासी विजय सिंह चौहान (51) के रूप में हुई है। वह दो दिन पहले ही पाली से सूरत पहुंचा था और कतारगाम क्षेत्र में चाय की रेहड़ी लगाने वाले अपने रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था। सूरत पहुंचने के 24 घंटे के भीतर ही उसने आयकर अधिकारी का वेश धारण कर ठगी की योजना बना ली और बाजार में उतर पड़ा।
आरोपी विजय सिंह पढ़ा-लिखा है। उसने 1989 में स्नातक किया था। इसके बाद से वह पाली में टैक्स से जुड़े छोटे-मोटे काम करता रहा है। इसी कारण उसे आयकर विभाग की कार्यप्रणाली, नोटिस और जांच की भाषा की अच्छी जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उसने खुद को 'क्लास-वन अधिकारी' की तरह पेश किया।
वह उमरवाड़ा ग्लोबल मार्केट स्थित व्यापारी रामसिंह चौहाण की दुकान पर पहुंचा। व्यापारी को टैक्स गड़बड़ी में फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपए वसूलने का प्रयास किया। बाद में सौदेबाजी कर चार लाख रुपए में मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। उसने पीड़ित को पैसों के लेनदेन के लिए पास स्थित ब्लिस होटल में बुलाया और वहां से चला गया। इस बीच शिकायत मिलने पर वराछा पुलिस मौके पर पहुंची और तस्दीक के बाद होटल के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि आरोपी की हरकतों से पीड़ित को उस पर संदेह हो गया था। असमंजस की स्थिति में उसने अपने परिचितों के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की। पीड़ित का एक परिचित आरोपी को पहचान गया। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने अधिकारियों की तरह रौब झाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के सामने अधिक देर तक टिक नहीं पाया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह आयकर विभाग के लिए मुखबिरी कर चुका है, इसलिए उसे विभाग की कार्यप्रणाली की अच्छी जानकारी थी। हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है। आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी अब तक सामने नहीं आया है। उससे पूछताछ जारी है।