-जवाई पुर्नभरण के पहले चरण में बनेंगे दो बांध-2500 एमसीएफटी पानी आएगा जवाई बांध में
पाली। पश्चिमी राजस्थान के मरुसागर जवाई बांध के पुन्र्रभरण के लिए सुमेरपुर में मुख्यमंत्री ने दो चरण में राशि देने की घोषणा की है। इससे जवाई पुर्नभरण की उम्मीदों को पंख लग गए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब महज तीन साल में प्रथम चरण के पुर्नभरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होते ही जवाई बांध में 2500 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी की आवक शुरू हो जाएगी। जो पाली व सिरोही जिले के नौ शहरों व 700 से अधिक गांवों के लोगों की प्यास बुझाने में उपयोग होगा। किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिल सकेगा।
पहले चरण में बनेंगे दो बांध
जवाई पुर्नभरण योजना के तहत पहले चरण में दो बांध सेई व साबरमती नदी पर बनाए जाएंगे। सेई पर बांध बनने से यहां से बहकर जाने वाला पानी रुकेगा। इन दोनों बांधों से जवाई बांध तक पानी लाने के लिए 9 किलोमीटर की दो टनल बनाई जाएगी। इसके अलावा 65 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। यह प्रोजेक्ट तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
पूरे प्रोजेक्ट में बनेंगे चार बांध
दो चरणों के इस प्रोजेक्ट में चार बांध बनाए जाने हैं। वांकल नदी पर वांकल बांध, पामेरी नदी पर पामेरी बांध व साबरमती नदी पर साबरमती बांध बनाया जाना है। चौथा बांध सेई बांध से ओवर लो होकर जाने वाले पानी को रोकने के लिए बनाया जाएगा। इन चारों बांधों का पानी जवाई तक लाने के लिए 19 किलोमीटर ल बाई की अलग-अलग जगह पर टनल बनाई जाएगी। इसके अलावा पाइप लाइन बिछाकर पानी नाणा के निकट जवाई नदी में छोड़ा जाएगा। जहां से पानी जवाई बांध पहुंचेगा।
6400 एमसीएफटी पानी होगा डायवर्ट
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 6400 एमसीएफटी पानी जवाई बांध में डायवर्ट होगा। इसमें से 5400 एमसीएफटी पानी का उपयोग पाली जिले और 1000 एमसीएफटी पानी सिरोही जिले में पेयजल के लिए उपयोग किया जा सकेगा। पाली जिले के लिए आरक्षित 5400 एमएसीएफटी पानी जिले की आवश्यकता से 2340 एमसीएफटी अधिक होगा। जो भविष्य में अधिक आवश्यकता होने पर भी उपयोग में लिया जा सकेगा।
पाली जिले की जवाई पर निर्भरता
700 से अधिक गांवों में जाता है जवाई का पानी
9 शहरों (8 पाली व 1 सिरोही का) में होती है जलापूर्ति
3060 एमसीएफटी पानी एक वर्ष में चाहिए पाली को पेयजल के लिए
सितम्बर में आएगी रिपोर्ट
-जवाई पुर्नभरण के लिए एक सर्वे करवाया गया था। इसकी रिपोर्ट सित बर में आना प्रस्तावित है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर जवाई का सिंचाई के लिए आरक्षित पानी सिर्फ सिंचाई के उपयोग में आ सकेगा। पेयजल के लिए अतिरिक्त पानी मिलेगा। -प्रतापसिंह चावड़ा, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, पाली