Pali Delhi News Train: पाली में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पाली से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन ट्रेन चलाने को लेकर मंथन जारी है और जल्द कनेक्टिविटी के माध्यम से सुविधा शुरू हो सकती है।
पाली। पाली से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन ट्रेन चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। यह ट्रेन कहां से चलाई जाए, इसे लेकर अभी मंथन चल रहा है। ट्रेन भीलड़ी, बाड़मेर या समदड़ी जंक्शन से चलाई जा सकती है। यह बात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पाली स्थित अपने निवास पर बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि मैं और पाली सांसद पीपी चौधरी रेल मंत्री से मिले थे। उनसे पाली से दिल्ली ट्रेन को लेकर भी चर्चा की थी। उन्होंने जल्द ट्रेन चलाने का आश्वासन दिया है। हम चाहते थे कि पाली से ही सीधी ट्रेन चले, लेकिन कनेक्टिविटी के माध्यम से ट्रेन बहुत जल्द मिलेगी, जो मारवाड़ जंक्शन, अजमेर और जयपुर होकर दिल्ली जाएगी।
संसद में विपक्ष के हंगामा करने और पीएम को बात नहीं रखने देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री मोदी के बोलने के दौरान कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री के सामने आकर चिल्लाने लगीं। विरोध अपनी सीट से करना चाहिए था। यह विपक्ष की हठधर्मिता है और असंसदीय कृत्य है। राज्यसभा में भी अड़चन डाली गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और टीएमसी के सांसद अमर्यादित हैं।
उन्होंने कहा कि जवाई पुनर्भरण बहुत पहले हो जाना चाहिए था। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने 6000 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया था। कांग्रेस ने जाते-जाते टनल को गहरा करने के लिए 100 करोड़ रुपए दिए, लेकिन वह कार्य भी नहीं हो सका। सीएम भजनलाल शर्मा ने 3000 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। यह कार्य जल्द पूरा होना चाहिए।
बजट को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र का बजट उत्साहजनक रहा है। बीजेपी सरकार बनने के बाद देश में 25 करोड़ नए आयकरदाता जुड़े हैं, जिसका अर्थ है कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। जब पीएम मोदी बने थे, तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी। राजस्थान में बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है। किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। प्रदेश का बजट भी बहुत अच्छा आएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में प्रत्याशी के लिए शिक्षा की अनिवार्यता रखी जाएगी। इसमें दो से अधिक बच्चों वाली शर्त को हटाया जाएगा, ताकि संतुलन बनाए रखा जा सके। सिंधु नदी के पानी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिंधु नदी के पानी का उपयोग कहां-कहां किया जाए, इस पर व्यवस्था की जा रही है। जल शक्ति मंत्रालय को पानी के उपयोग की योजना बनाने के लिए कहा गया है।