पाली के बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में थैलेसिमिया पीड़ित 5 साल की बच्ची को गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही सामने आने पर दो कर्मचारियों को एपीओ और दो संविदाकर्मियों को कार्यमुक्त किया गया है।
पाली। बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में थैलेसिमिया से पीड़ित 5 साल की बच्ची को गलत ब्लड चढ़ा दिया गया था। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसे पीआइसीयू में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई की है। मामले की जांच के बाद जब लापरवाही सामने आई तो डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और लैब से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इसमें दो कर्मचारियों को एपीओ किया गया है, जबकि दो संविदाकर्मियों को कार्य से हटा दिया गया है। लैब टेक्नीशियन पदमसिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए डायरेक्टर को लेटर भेजा गया है।
पाली बांगड़ अस्पताल अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. भरतेश मीरल को एपीओ कर दिया। इसके साथ और नर्सिंग ऑफिसर बाबूलाल को भी एपीओ कर दिया। इसके अलावा लैब असिस्टेंट और लैब टेक्नीशियन को डॉ. परिहार ने कार्य से हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
दरअसल, शहर के रहने वाले अनिरुद्ध वैष्णव की 5 साल की बेटी ध्रुवी थैलेसिमिया से पीड़ित है। उसे पिछले करीब एक साल से हर 20 दिन में बांगड़ अस्पताल लाकर ब्लड चढ़ाया जा रहा है। बुधवार को बच्ची के पिता किसी काम में व्यस्त थे तो बच्ची को अपनी मां और मामा के साथ अस्पताल भेज दिया। ब्लड चढ़ाने के दौरान अस्पताल कर्मचारियों से बच्ची को गलत ब्लड चढ़ गया।
बच्ची का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव (O+) है, लेकिन ब्लड बैंक की ओर से गलती से बी पॉजिटिव (B+) ग्रुप की यूनिट जारी कर दी गई और उसे चढ़ाना भी शुरू कर दिया गया। ब्लड चढ़ते ही बच्ची ने सिर और पैरों में दर्द की शिकायत की। इसके बाद स्टाफ ने ब्लड यूनिट पर लगी पर्ची देखी तो गलती सामने आई। तुरंत ब्लड चढ़ाना बंद किया गया और बच्ची को पीआइसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
परिजनों का कहना है कि ब्लड बैंक के फॉर्म में भी बच्ची का ब्लड ग्रुप गलत दर्ज किया गया था। बाद में दोबारा जांच में उसका ब्लड ग्रुप फिर से ओ पॉजिटिव ही पाया गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्ची की तबीयत पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है, ताकि आगे ऐसी गलती दोबारा न हो।