पाली

पाली: 5 बेटियों की डोली उठने तक भाई के शव के पास अकेले रोता रहा बड़ा भाई, विदाई होने तक परिवार से छिपाई मौत की खबर

पाली के देवली-आउवा गांव में पांच बेटियों की विदाई तक बड़े भाई ने छोटे भाई कूपाराम (40) की मौत की खबर परिवार से छिपाए रखी। हार्ट अटैक से मौत के बाद वे अस्पताल में शव के पास अकेले बैठे रहे। विदाई पूरी होने पर ही परिवार को घटना की जानकारी दी।
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Jul 10, 2026
Pali News
मृतक के परिजन और पुलिस (पत्रिका फोटो)

Pali News: पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के देवली-आउवा गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक भाई ने पांच बेटियों की विदाई संपन्न कराने के लिए अपने सगे भाई की मौत का दर्द सीने में दफन कर लिया। अस्पताल में भाई का शव पड़ा रहा, लेकिन बड़े भाई ने घर पर किसी को भनक तक नहीं लगने दी, ताकि बेटियों के हाथ पीले होने की खुशियां मातम में न बदलें।

शादी की खुशियों के बीच अचानक बिगड़ी तबीयत

देवली-आउवा गांव में गुरुवार को एक ही परिवार की पांच बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ था। शुक्रवार सुबह घर में बारात और दुल्हनों की विदाई की तैयारियां चल रही थीं। मेहमानों की चहल-पहल थी और चारों तरफ उल्लास का माहौल था।
इसी दौरान परिवार के सदस्य घेवरराम के 40 वर्षीय छोटे भाई कूपाराम की गर्दन में अचानक तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कूपाराम की मौत की वजह हार्ट अटैक होना माना जा रहा है।

विदाई के लिए बड़े भाई ने छुपाया मौत का सच

अस्पताल में कूपाराम की मौत की खबर सुनते ही बड़े भाई घेवरराम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन उन्होंने अदम्य साहस और समझदारी का परिचय दिया। घेवरराम को डर था कि अगर भाई की मौत की खबर गांव पहुंची, तो शादी का जश्न तुरंत शोक में बदल जाएगा और बेटियों की विदाई अधूरी रह जाएगी। उन्होंने खुद को संभाला और अस्पताल में भाई के शव के पास अकेले आंसू बहाते रहे। घर पर फोन करके उन्होंने केवल इतना कहा कि भाई की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती है।

विदाई के बाद पसरा मातम

उधर, गांव में घरवालों ने कूपाराम को केवल बीमार समझा और शादी की बाकी रस्में हंसी-खुशी पूरी कीं। जब पांचों बेटियां रोते-बिलखते अपने ससुराल के लिए विदा हो गईं, उसके बाद घेवरराम ने कूपाराम की मौत की दुखद खबर परिवार को दी। सच सामने आते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और शादी की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। कूपाराम बड़ौदा में काम करते थे और तीन-चार दिन पहले ही इस शादी में शामिल होने गांव आए थे। उनके पीछे पत्नी रुकमा देवी, दो बेटियां और एक बेटा है। घेवरराम के इस बड़े फैसले और त्याग की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है।

Updated on:
10 Jul 2026 09:01 pm
Published on:
10 Jul 2026 09:01 pm