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Pali Mass Suicide: घर को अपशकुनी मानता था नरपत, मां और 2 बेटों की मौत की गुत्थी उलझी; पुलिस के सामने कई सवाल

पाली सामूहिक सुसाइड: आशापुरा टाउनशिप में मां और दो बेटों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब भी उलझा हुआ है।
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Updated: 11 Apr 2026, 9:01 AM IST
Pali Suicide Case-1
जांच में जुटी पुलिस व मृतक मां व दो बेटे। फोटो: पत्रिका

Pali Mass Death Case: पाली। थाना क्षेत्र स्थित जोधपुर रोड की आशापुरा टाउनशिप में मां और दो बेटों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब भी उलझा हुआ है। शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने तीनों शव परिजनों को सौंप दिए। शवों से तेज बदबू आने के कारण उन्हें सीधे मोर्चरी से पाली पंचायत समिति के सामने स्थित मुक्तिधाम घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया।

शहर के औद्योगिक नगर गुरुवार शाम करीब पांच बजे घर के भीतर शांति देवी (65), उनके बेटे नरपत लाल (34) और रघुवीर (26) के शव फर्श पर पड़े मिले थे। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट और दो मोबाइल मिले, जिन्हें जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नरपत ने आत्महत्या से करीब 24 घंटे पहले मां और भाई को किसी वस्तु में विषाक्त मिलाकर दिया। इसके बाद उसने घर में ही सुसाइड नोट लिखा और रिश्तेदारों को सोशल मीडिया पर तीनों के फोटो व दस्तावेज भेजे।

पुलिस के अनुसार नरपत ने विषाक्त पीकर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन रस्सी टूटने से वह नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। मौके पर मां और रघुवीर शव दो दिन पुराने होने के कारण पूरी तरह काले पड़ चुके थे और उनसे बदबू आ रही थी, जबकि नरपत के शव से बदबू नहीं आ रही थी। पोस्टमार्टम के दौरान नरपत के गले में फंदे के निशान मिले, जबकि शांति देवी और रघुवीर के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले बताए।

रिपोर्ट आने के बाद ही होगा मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा

हालांकि पुलिस ने सैंपल लकर एफएसएल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। रिश्तेदारों के अनुसार दोनों भाई अविवाहित थे। नरपत नायरा डिपो में कार्यरत था, लेकिन पिछले आठ महीनों से बीमार होने के कारण घर पर ही था। रघुवीर विवेकानंद सर्किल के पास एक मोबाइल दुकान पर काम करता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार को नरपत ने अपने रिश्तेदार लक्ष्मण और पड़ोसी सौरभ सारस्वत को अस्पताल चलने के लिए भी कहा था। इधर, पुलिस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी है।

सुसाइड नोट में सामूहिक आत्महत्या का जिक्र

सीओ सिटी मदनसिंह चौहान के अनुसार मौके से मिले सुसाइड नोट में नरपत की ओर से लिखे जाने का अनुमान है। इसमें मां को कैंसर, खुद को गंभीर बीमारी की आशंका और छोटे भाई की मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा है कि भविष्य की चिंता के चलते तीनों ने सामूहिक आत्महत्या का निर्णय किया।

घर को अपशकुनी मानता था नरपत

रिश्तेदारों ने बताया कि एक महीने पहले नरपत उनके पास आया था। बोला कि शरीर पर गांठें हो रही है और दिल में भी छेद बताया। ऐसे में परेशान हूं। घर 2024 में लिया था। इसके 7 दिन बाद ही पिता की हार्टअटैक से मौत हो गई। मां भी बीमार रहने लगी थी।

सुसाइड वाले दिन 3 लोगों को घर बुलाया था

पुलिस की जांच में सामने आया कि नरपत ने सुसाइड वाले दिन 8 अप्रैल को अपने मौसेरे भाई लक्ष्मण और चचेरे भाई राजेश और पड़ोसी सौरभ को घर पर शाम को बुलाया था। सभी से ये भी कहा था कि फोन नहीं लगेगा दरवाजा खटखटाना।

Updated on:
11 Apr 2026, 9:01 AM IST
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