पाली

राघवेंद्र शर्मा मौत मामला: 16 पन्नों के सुसाइड नोट में छिपा है क्या सच? DVR और रिकॉर्ड रूम में लगी आग से गहराया रहस्य

Pali Raghavendra Sharma Case: पाली के टैगोर नगर स्थित एक निजी स्कूल में अकाउंटेंट राघवेंद्र शर्मा का शव फंदे से लटका मिला। मौके से 15-16 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें स्कूल प्रबंधन पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप हैं। वहीं, रिकॉर्ड रूम व DVR में आग लगने से रहस्य और गहरा गया।
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Jun 26, 2026
Pali Raghavendra Sharma Death Case
Pali Raghavendra Sharma Death Case (Patrika Photo)

Pali Raghavendra Sharma Death Case: पाली शहर के टैगोर नगर में स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्कूल परिसर के एक हॉल में 30 साल के अकाउंटेंट राघवेंद्र शर्मा का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस को घटनास्थल से 15-16 पन्नों का एक लंबा सुसाइड नोट भी मिला है।

इस सुसाइड नोट में मृतक राघवेंद्र ने स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल पर मानसिक रूप से प्रताड़ित (परेशान) करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, राघवेंद्र के परिवार वाले इस बात को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं कि उन्होंने खुदकुशी की है।

परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। उनका कहना है कि राघवेंद्र की हत्या करने के बाद उनके शव को फंदे पर लटका दिया गया, ताकि यह सुसाइड लगे। न्याय की मांग पर अड़े परिजन दोषियों की गिरफ्तारी होने तक शव का पोस्टमॉर्टम कराने को राजी नहीं हुए।

रहस्यमयी आग और जलता हुआ रिकॉर्ड रूम

यह मामला तब और उलझ गया, जब घटना वाले दिन स्कूल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार सुबह राघवेंद्र की पत्नी साक्षी ने उन्हें फोन किया था। जब राघवेंद्र ने फोन नहीं उठाया, तो साक्षी खुद स्कूल पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि कमरा अंदर से बंद था और स्कूल परिसर से गहरा धुआं निकल रहा था।

साक्षी ने तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बिजली विभाग से कहकर लाइट कटवाई गई और फायर ब्रिगेड को फोन किया गया। मौके पर पहुंचीं दमकल की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब लोग अंदर दाखिल हुए, तो वहां राघवेंद्र का शव फंदे से लटका हुआ मिला।

उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल

DVR और रिकॉर्ड रूम क्यों जले? स्कूल के जिस हिस्से में आग लगी, वह रिकॉर्ड रूम था। इस आग में वहां रखा सारा जरूरी सामान और कैमरों का DVR जलकर राख हो गया। इससे यह गहरा शक पैदा हो रहा है कि क्या किसी ने सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर आग लगाई थी?

स्वभाव से मिलनसार थे राघवेंद्र

राघवेंद्र साल 2017 से इसी स्कूल में काम कर रहे थे। शुरुआत में उन्होंने एक टीचर के रूप में अपनी सेवाएं दीं और बाद में उन्हें अकाउंटेंट की जिम्मेदारी सौंप दी गई। जानने वालों का कहना है कि वे बहुत ही मिलनसार इंसान थे, इसलिए उनके आत्महत्या करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।

फिलहाल, कोतवाली थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह खींची ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की बहुत ही बारीकी और गहराई से जांच कर रही है। वे हर एंगल को खंगाल रहे हैं, ताकि यह साफ हो सके कि यह महज एक हादसा या आत्महत्या है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक साजिश है।

Published on:
26 Jun 2026 07:48 am