रोहट थाना क्षेत्र के डूंगरपुर गांव के निकट खेत में एक युवक ने अपने ही गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि डूंगरपुर निवासी महेंद्र पुत्र ओमाराम मेघवाल दोपहर को अपने घर से बिना बताए निकल गया और डूंगरपुर गांव के निकट एक खेत में नीम के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
Pali News: पाली जिले के रोहट क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहां एक 22 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर दर्दनाक स्टेटस लगाने के बाद मौत को गले लगा लिया। डूंगरपुर गांव निवासी महेंद्र पुत्र ओमाराम मेघवाल ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले व्हाट्सएप पर अपना आखिरी संदेश लिखा- मेरा कमबैक नहीं, सीधा अंतिम संस्कार होगा।
महेंद्र ने सुसाइड करने से ठीक पहले न केवल व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट किए, बल्कि परिजनों को अपनी सटीक लोकेशन भी शेयर की। बदहवास परिजन जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक देर हो चुकी थी। महेंद्र का शव खेत में एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला। बताया जा रहा है कि वह पांच बहनों के बीच इकलौता भाई था, जिसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मृतक की शादी महज 8 महीने पहले ही हुई थी, जिस घर में अभी नई नवेली दुल्हन की चूड़ियों की खनक और मेहंदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था, वहां अब मातम पसरा है। पति के इस कदम ने दुल्हन को बेसुध कर दिया है। महेंद्र मुंबई में रहकर काम करता था और करीब एक महीने पहले ही गांव लौटा था।
महेंद्र ने मरने से पहले तीन अलग-अलग स्टेटस लगाए, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, उसने लिखा, "मुझे पता चल गया है अब मेरा कमबैक नहीं, सीधा अंतिम संस्कार होगा!" "एक दिन इतना दूर चले जाएंगे, न कभी ऑनलाइन आएंगे, न कभी नजर आएंगे।" "सुना है रोते हुए मांगी चीजें जल्दी मिलती हैं, आज मैंने रोते-रोते मौत मांगी है, देखो कब तक आती है।"
रोहट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि मुंबई से लौटने के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसने मौत को गले लगा लिया।