
पाली। महाजलसंकट का सामना करने के लिए चलाई गई ‘मजबूरी’ की वाटर ट्रेन [ Water train ] को इन्द्र के पाली पर मेहर बरसाने [ Rain in pali ] के बाद शुक्रवार को बंद करने का निर्णय किया गया। अब तक शहर में नौ फेरे कर पानी लाने वाली ट्रेन शनिवार से नहीं चलेगी। अब यदि बरसात नहीं होती है तो सितम्बर में एक बार फिर जवाई बांध [ Jawai Dam ] के पान का रिव्यू किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध पानी से यह तय किया जाएगा कि 30 सितम्बर के बाद वाटर ट्रेन से पानी मंगवाना है या नहीं। हालांकि शहरों में अभी 96 घंटे से जलापूर्ति [ Drinking water supply ] को नहीं बदला गया है। यह स्थित अधिक बारिश होने पर और बांधों में पर्याप्त पानी आने पर ही बदली जाएगी।
28 लाख रुपए से अधिक खर्च
जलदाय विभाग [ PHED ] की ओर से 25 जुलाई को पहली वाटर ट्रेन मंगवाई गई थी। जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार एक ट्रेन के लिए रेलवे ने करीब 3.10 लाख रुपए किराया मांगा था। इसके तहत शुक्रवार तक नौ फेरे कर चुकी वाटर ट्रेन के लिए जलदाय विभाग करीब 28 लाख रुपए खर्च कर चुका है।
हेमावास बांध में एक माह का पानी
पाली शहर के पास स्थित हेमावास बांध [ Hemavas dam ] में दो दिन पहले पानी आने पर उसे मंडली तालाब में लेकर सप्लाई शुरू कर दी गई थी। अभी बांध में एक माह का पानी शेष है। जिसे शुक्रवार को एक बार फिर मंडली तालाब में लेना शुरू कर दिया गया। जिससे पानी का रिसाव नहीं हो और उसे पूरा उपयोग किया जा सके।
जवाई से पानी लेना किया बंद
पाली के पास हेमावास और सिटी टैंक में बरसाती पानी आने के बाद से जलदाय विभाग ने पाली शहर के साथ रोहट व सोजत के लिए जवाई से पानी लेना बंद कर दिया है। अभी इन स्थानों पर हेमावास बांध का पानी ही उपयोग में लिया जा रहा है। इसे मिलाकर ही विभाग के पास 30 सितम्बर का पानी है।
सितम्बर में करेंगे तय
जवाई के लाइव स्टोरेज में आने और हेमावास में पानी आने के कारण वाटर ट्रेन को बंद कर दिया है। पानी की आपूर्ति अभी 96 घंटे के अंतराल से ही की जाएगी। -राजेश अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग, पाली
जवाई व हेमावास में इतना है पानी
जवाई 8.10 फीट, 799.20 एमसीएफटी
हेमावास 13.55, 101.91 एमसीएफटी
सेई 1.45 मीटर, 338.51 एमसीएफटी