पाली

राजस्थान: थाने के मालखाने से 24 किलो अफीम, पिस्टल और नकदी गायब; 2 पुलिस अफसरों पर FIR

पाली शहर के सदर पुलिस थाने के मालखाने से मादक पदार्थ, हथियार और सरकारी नकदी गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मालखाने के रिकॉर्ड और सामान के मिलान के दौरान अफीम, डोडा पोस्त, एक पिस्टल व नकदी कम पाए जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
2 min read
Jul 22, 2026
Pali News
थाने के मालखाने से अफीम, पिस्टल और नकदी गायब (सांकेतिक तस्वीर एआई)

Pali News: राजस्थान के पाली शहर स्थित सदर पुलिस थाने के मालखाने से मादक पदार्थ, हथियार और सरकारी नकदी गायब होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कड़े सुरक्षा घेरे वाले मालखाने के रिकॉर्ड और भौतिक सामान के मिलान के दौरान अफीम, डोडा-पोस्त, एक पिस्तौल और नकदी कम पाए जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस संबंध में कोतवाली थाने में सदर थाने के दो तत्कालीन मालखाना प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

चार्ज संभालते ही खुला गड़बड़ी का राज

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब वर्तमान में ट्रांसपोर्ट नगर थाने में तैनात एएसआई (तत्कालीन सदर थाना हेड कांस्टेबल) भूंडाराम ने मालखाने का चार्ज लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन मालखाना प्रभारी हेड कांस्टेबल मानसिंह और नवलाराम (वर्तमान में एएसआई) से प्रभार लिया था। प्रभार लेने के दौरान जब मालखाने के रिकॉर्ड और वास्तविक सामान का मिलान किया गया, तो चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आईं।

मादक पदार्थों में सबसे बड़ी हेराफेरी

जांच में सबसे बड़ा खुलासा मादक पदार्थों के जब्त स्टॉक में हुआ। साल 2006 के एक मामले में जब्त 56.720 किलो अफीम में से 24.716 किलो अफीम कम पाई गई। वहीं, साल 2010 के एक अन्य मामले में अफीम की थैलियां फटी और खाली मिलीं। साल 2009 के एक प्रकरण में जब्त 186 किलो डोडा-पोस्त की बोरियों को तोलने पर उसमें से 24.25 किलो माल कम निकला।
पिस्टल और सरकारी नकदी भी नदारद

मादक पदार्थों के अलावा आर्म्स और कैश में भी गड़बड़ी मिली। साल 2010 के आर्म्स एक्ट में जब्त 7.65 MM की एक पिस्टल (जिसे कोर्ट के आदेश पर 2012 में जमा कराया गया था) रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद मौके से नदारद मिली। इसके अलावा कोटपा (COTPA) एक्ट के तहत वसूले गए जुर्माने की 4,800 रुपए की सरकारी राशि भी गायब पाई गई।

लापरवाही या गहरी संलिप्तता?

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों तत्कालीन प्रभारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस की पड़ताल मुख्य रूप से इस बिंदु पर केंद्रित है कि कड़ी सुरक्षा वाले मालखाने से इतना संवेदनशील सामान कैसे गायब हुआ और इसमें किसकी सीधी संलिप्तता रही है।

Updated on:
22 Jul 2026 04:05 pm
Published on:
22 Jul 2026 04:05 pm