मवेशी चराने गए एक चरवाहे पर दो भालुओं ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई और वन विभाग ने भालुओं की तलाश शुरू कर दी।
पाली। उपखंड क्षेत्र के सुमेर गांव की सरहद में मवेशी चराने गए एक चरवाहे पर दो भालुओं ने अचानक हमला कर दिया। हमले में एक चरवाहा नथाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। भालुओं ने उनके चेहरे समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला।
घटना सुमेर गांव के सुमेर झुंपी के पीछे वणीया नाड़ी के निकट हुई। ग्रामीणों के अनुसार नथाराम (48) पुत्र हीराराम देवासी रोज की तरह मवेशी चराने गए थे, तभी झाड़ियों से निकले दो भालुओं ने पीछे दौड़कर उन पर हमला कर दिया। काफी संघर्ष और शोर मचाने पर भालुओं को भगाया गया।
ग्रामीण गणपतसिंह ने बताया कि घायल नथाराम को ग्रामीणों की मदद से देसूरी राजकीय अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस टीम भी अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली। बाद में मौका मुआयना किया गया।
अरावली की तलहटी में बसे इस क्षेत्र में भालुओं के हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। सुमेर, गांथी, बागोल और कांकलावास गांव पहले भी ऐसे हमलों से प्रभावित रहे हैं। ये गांव कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के देसूरी रेंज की सीमा से सटे हुए हैं, जहां भालुओं की बड़ी संख्या मानी जाती है। वन्यजीवों की आवाजाही और हमलों के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
घायल चरवाहे को उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया है। वन विभाग की टीम मौका मुआयना और आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है। ग्रामीणों की मदद से भालुओं की तलाश जारी है। प्राथमिक तौर पर लग रहा है कि मादा भालू के साथ शावक हो सकते हैं।