पाली जिला कारागार में पॉक्सो मामले के विचाराधीन बंदी ने बाथरूम में तौलिए का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जेल में पहुंचकर जांच पड़ताल की।
पाली। पॉक्सो मामले में पाली जिला कारागार में विचाराधीन बंदी राजेंद्र उर्फ राजू बागरिया जेल में लाए जाने के बाद से ही गुमसुम रहता था। वह अन्य बंदियों से बहुत कम बातचीत करता था। जेल में आने के बाद उससे मिलने उसका भाई आया था। शुक्रवार को जब राजू बाथरूम गया, तब किसी को यह आशंका नहीं थी कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेगा।
बाथरूम में पहुंचने के बाद उसने तौलिए को फाड़कर रस्सी जैसा बनाया और छत पर लगे पानी के पाइप से बांधकर फंदा लगा लिया। राजू जोधपुर जिले के बोरूंदा क्षेत्र में फसलों की रखवाली का काम करता था। उसके परिजन भी इसी कार्य से जुड़े बताए गए हैं।
इधर, परिजनों ने इस मामले में अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है। उनके पाली पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पाली के बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयसिंह तंवर ने बताया कि राजेंद्र उर्फ राजू जोधपुर जिले के बोरूंदा थाना क्षेत्र की महादेव घाटी का निवासी था। उसके खिलाफ जैतारण थाने में 5 नवंबर 2025 को एक 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ बलात्कार करने का मामला दर्ज हुआ था। उसे गिरफ्तार कर 26 दिसंबर 2025 को न्यायिक अभिरक्षा में पाली जेल भेजा गया था।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 1.40 बजे बंदी को जेल के बाथरूम में मृत अवस्था में देखा गया। उसके गले में तौलिए का फंदा लगा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयसिंह तंवर, कोतवाली थानाधिकारी जसवंत सिंह राजपुरोहित सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विक्रमसिंह भाटी भी जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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