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Watch Video : शुभकर्ता ने पाली के बांधों में भर दी खुशी, 51 में से 29 बांधों से छलक रही

पाली जिले का दूसरा सबसे बड़ा सरदारसमंद व हेमावास सहित कई बांध दूसरी बार छलके, छह बांध लबालब

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Aug 27, 2025
पाली शहर के निकट हेमावास बांध ओवरफ्लो होने के बाद चलती चादर।

पाली जिले पर जुलाई में मेघ मेहरबान हुए तो बांधों पर फिर से चादर शुरू हो गई। जिले का दूसरा सबसे बड़ा सरदारसमंद बांध लगातार दूसरे साल तो हेमावास बांध तीसरे साल छलका। इसके अलावा भी कई बांध छलकने लगे हैं। करीब एक माह तक बरसात होने से चादर चलना बंद हो गई थी। सरदारसमंद के साथ हेमावास बांध पर 24 व 25 अगस्त को बरसात होने से एक बार फिर चादर चलना शुरू हो गई। वह भी पिछली बार से अधिक ज्यादा वेग से। उधर, पाली के बीच से गुजर रही बांडी नदी में भी दूसरी बार पानी की आवक हुई। इसे हैदर कॉलोनी जाने वाला मार्ग बंद हो गया। मस्तान बाबा के पास रपट पर पानी आने से यातायात अब केवल पुल से ही गुजर रहा है।

जिले में इन बांधों पर इतनी चल रही चादर : गलदेरा बांध पर 0.01 एमएम, मीठड़ी पर 0.06, ढारिया पर 0.20, सादड़ी पर 0.06, कंटालिया पर 0.08, हेमावास पर 0.15, बाणियावास पर 0.10, रायपुर लुनी पर 0.24, गिरीनंदा पर 0.01, खारड़ा पर 0.09, बांडीनेहड़ा पर 0.05, गिरोलिया पर 0.06, सरदारसमंद पर 0.24, राजसागरचौपड़ा पर 0.02, गजनई पर 0.08, लाटाड़ा पर 0.06, पीपला पर 0.02, मुथाणा पर 0.03, काणा पर 0.04, घोड़ादड़ा पर 0.03, सेली की नाल पर 0.09, राजपुरा पर 0.07, केसूली पर 0.04, जूना मलारी पर 0.04, हरिओम सागर पर 0.08, बोमादड़ा पिकअप वियर पर 0.20, लोहिरा पर 0.05, बाबरा पर 0.01, वायद बांध पर 0.03 एमएम की चादर चल रही है।

नहीं छलकने वाले बांधों में इतना पानी

पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा जवाई बांध सुबह आठ बजे तक 64 प्रतिशत भर गया था। उसके सहायक सेई में 46 प्रतिशत पानी है। जादरीडायवर्जर में महज 7 प्रतिशत, बलवना में 62 प्रतिशत पानी है। दुजाणा बांध अभी पानी का इंतजार कर रहा है। इसके अलावा सिरियारी बांध 94 प्रतिशत, एंदला 7.66, मालपुरिया कानावास 97, कोट 72, फुटिया 19, शिवनाथ सागर 65, धाणी 30, सेवाड़ी 89, चिरपटिया 20, सारण 31 व बोरीनाडा बांध 62 प्रतिशत तक भरे हुए है।

क्षेत्र की नदियां जिनसे मुख्य रूप से भरते ये बांध

सोजत : सुकडी, लीलकी, गुडिया नदी से गजनई, रोडावास व खोखरा बांध। मारवाड जंक्शन : आऊवा, सूकड़ी, बाण्डी, जोजावर, फुलाद नदी से रेणिया, जोगड़ावास प्रथम व द्वितीय व फुलाद बांध। पाली व रोहट: सूकड़ी, बाण्डी, लूनी, बान्डाई नदी से सरदारसमंद, बांकली, बाणियावास, बोमादड़ा पिकअप वियर, बांडी-नेहड़ा बांध। देसूरी:सूकडी बाली : मीठडी, बाली, सूकड़ी से मीठड़ी, सेवाड़ी, रानी: सोमेसर, सूकड़ी से हेमावास बांध सुमेरपुर: जवाई नदी से जवाई बांध।

पूरे भरे हुए बांध

तखतगढ़, फुलाद, जोगड़ावास प्रथम व द्वितीय, सेली की ढाणी, मालपुरिया कानावास बांध पूरे भरे है। उनका पानी हवा के झोंकों के साथ छलक रहा है।

Published on:
27 Aug 2025 04:12 pm
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