10th Result MP Board 2026: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के छोटे से गांव हिनौती की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 10वीं बोर्ड में 500 में 499 अंक लाकर प्रदेश में टॉप किया।
10th Result MP Board 2026: एमपी बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए। हर बार की तरह इस बार भी कक्षा 10वीं और 12वीं में बेटियों ने बाजी मारी है। पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में पहला स्थान हासिल किया। कहते हैं पन्ना की धरती सिर्फ बेशकीमती हीरे के लिए ही नहीं, बल्कि अनमोल प्रतिभाओं के लिए भी जानी जाती है और इस कहावत को एक बार फिर सच कर दिखाया है। गुनौर तहसील के छोटे से गांव हिनौती की बेटी प्रतिभा सिंह सोलंकी (Pratibha Singh Solanki) ने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।
एक साधारण परिवार में जन्मी प्रतिभा के पिता भारतेंद्र सिंह सोलंकी रोजगार सहायक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर यह असाधारण सफलता हासिल की। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुए, हिनौती गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। प्रतिभा के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। हर कोई इस होनहार बेटी की मेहनत और लगन की सराहना करता नजर आया।
बेटी की सफलता पर भावुक पिता ने कहा कि यह उसकी वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन का मीठा फल है। हमें उसकी उपलब्धि पर गर्व है। वहीं प्रतिभा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और शिक्षकों के सहयोग को दिया। प्रतिभा ने अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट है और उसे पाने के लिए आप पूरी मेहनत करते हैं, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। पन्ना की इस होनहार बेटी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती जरूरत होती है तो सिर्फ जुनून, समर्पण और आत्मविश्वास की। परिवार उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है और प्रतिभा के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहा है।
प्रतिभा ने कहा, मैंने नियमित पढ़ाई और अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। रोजाना 5 से 6 घंटे घर पर अध्ययन करती थी। इसमें कभी कोई अवरोध नहीं आने दिया। माता-पिता के साथ परिजन भी मेरी मदद करते रहे। यह सफलता मेरे माता-पिता और गुरुओं के आशीर्वाद का परिणाम है।