पन्ना

हिंदी की जगह अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र मिलने से बवाल, एक नजर में जानिए पूरा मामला

मप्र के पन्ना जिले के छत्रसाल कॉलेज में परीक्षार्थियों को हिंदी की जगह अंग्रेजी माध्यम का प्रश्न पत्र थमा दिया गया।
2 min read
• •
Updated: 28 Dec 2017, 12:36 PM IST
Barkat by getting an English question paper instead of Hindi
Barkat by getting an English question paper instead of Hindi

पन्ना। नगर के छत्रसाल कॉलेज में बुधवार को एमएससी प्रथम सेमेस्टर के रसायन शास्त्र की परीक्षा के दौरान हिंदी मीडियम के परीक्षार्थियों को अंग्रेजी माध्यम का प्रश्न पत्र थमा दिया गया। परीक्षार्थियों ने प्रशन पत्र गलत होने की जानकारी कॉलेज प्रबंधन को दी।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया

कॉलेज प्रबंधन ने प्रशन पत्र यूनिवर्सिटी से आने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। आक्रोशित परीक्षार्थियों ने यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर परीक्षा प्रभारी एके खरे को ज्ञापन सौंपा।

इन दिनों सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं

जानकारी के अनुसार इन दिनों सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। बुधवार को आधा सैकड़ा परीक्षार्थी एमएससी प्रथम सेमेस्टर के रसायन शास्त्र की परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षार्थियों ने जब प्रश्न पत्र देखा तो उनके होश उड़ गए।

अंग्रेजी माध्यम का प्रश्न पत्र पकड़ा दिया

परीक्षार्थियों ने आवेदन पत्र हिंदी माध्यम के प्रश्न पत्र के लिए भरा था, लेकिन उन्हें अंग्रेजी माध्यम का प्रश्न पत्र पकड़ा दिया। जब परीक्षार्थियों ने इसका विरोध किया तो कॉलेज प्रबंधन ने प्रश्न पत्र यूनिवर्सिटी से आने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।

कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू

इससे आक्रोशित परीक्षार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मृगेंद्र सिंह और छात्रसंघ अध्यक्ष संजय प्रजापति के नेतृत्व में कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजरी शुरू हो गई। छात्रों ने कॉलेज में कक्षाएं नहीं लगने, किताबें नहीं मिलने सहित कई गड़बड़ी के आरोप लगाए। इसके बाद परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।

परीक्षार्थियों की आपत्ति संबंधी आवेदन मिला है

प्रश्न पत्र को लेकर परीक्षार्थियों की आपत्ति संबंधी आवेदन मिला है। प्रश्न पत्र के साथ आवेदन को यूनिवर्सिटी भेजकर परीक्षार्थियों की आपत्ति की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद आगामी निर्णय यूनिवर्सिटी प्रबंधन को लेना है।
एके खरे, परीक्षा प्रभारी, छत्रसाल कॉलेज, पन्ना

Published on: