पन्ना

केन-बेतवा लिंक परियोजना: पन्ना में प्रभावितों का आंदोलन दसवें दिन भी जारी

Ken Betwa Link Project Protest: सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की तबीयत आमरण अनशन के कारण तेजी से बिगड़ती जा रही है, आंदोलनकारियों का आरोप- प्रशासन ने अनशनकारियों का कोई स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया है।
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Jul 12, 2026
panna
ken betwa link project protest panna affected families, प्रदर्शन की फाइल फोटो (source-patrika file)

Panna Ken Betwa Link Project Protest: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगांव, रूंझ परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के समर्थन में चल रहा चिता आंदोलन रविवार को दसवें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आमरण अनशन सातवें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार अनशन के कारण उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा है।

लगातार जारी है अनशन

आंदोलनकारियों का कहना है कि विपरीत मौसम और प्रशासनिक दबाव के बावजूद आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है। आंदोलन स्थल पर मिट्टी सत्याग्रह, जल सत्याग्रह और सांकेतिक फांसी जैसे कार्यक्रम भी जारी हैं। अब तक प्रशासन की ओर से अनशनरत अमित भटनागर का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि आंदोलन में परियोजना से प्रभावित परिवार पिछले कई दिनों से शामिल हैं। विस्थापित परिवारों के घर और जमीनें अधिग्रहित कर ली गईं लेकिन कई लोगों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला।

स्कूल तोड़ने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित

साथ ही खरियानी गांव के स्कूल को तोड़े जाने का भी उल्लेख करते हुए बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की बात कही गई है। जय किसान संगठन ने परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। अपात्र लोगों को मुआवजा दिया गया जबकि कई वास्तविक प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार नहीं मिला। आंदोलनकारियों ने इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई है। आमरण अनशन के साथ कई महिला और पुरुष क्रमिक अनशन पर भी बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा जब तक सभी प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा नहीं मिलता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

'पुनर्वास पैकेज बढ़ना कांग्रेस के संघर्ष की जीत'

केन-बेतवा लिंक एवं रुंज,मजगांय ङ्क्षसचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पैकेज में हुई बढ़ोतरी को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनीश खान ने कांग्रेस के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है। जिलाध्यक्ष खान ने कहा, पहले प्रभावित परिवारों को 5 लाख रुपए का विस्थापन मुआवजा दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर अब 12.30 लाख रुपए कर दिया गया है। उनके अनुसार यह फैसला प्रभावित ग्रामीणों के हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन परियोजनाओं के कारण अनेक गरीब किसान, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को अपना गांव, जल, जंगल, जमीन, आजीविका और सामाजिक परिवेश छोड़ना पड़ा है। विस्थापन का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है, क्योंकि कई गांवों के विद्यालय बंद होने से हजारों बच्चे नियमित पढ़ाई से वंचित हो गए हैं। पुनर्वास स्थलों पर आवास, शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था अब भी नहीं की गई है। कांग्रेस लगातार विस्थापित परिवारों के अधिकारों के लिए आंदोलन करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

Updated on:
12 Jul 2026 10:36 pm
Published on:
12 Jul 2026 10:36 pm