
Road accident panna:मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन लीं। जबसे परिवार वालों को अर्जुन की मौत का पता चला है घर में कोहराम मचा हुआ है। लगातार अर्जुन के गांव में लोगों का आना-जाना जारी है। लोग घर के इकलौते बेटे की मौत पर सांत्वना दे रहे है लेकिन हर किसी की आंखें नम हैं।
मजदूरी का काम खत्म करके कर अपने घर लौट रहे 26 साल के अर्जुन की तेज रफ्तार ट्राला की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्राला छोड़कर फरार हो गया, जबकि घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर इस मार्ग पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के मुताबिक अमानगंज-पिपरवाह बायपास पर तेज रफ्तार ट्राला क्रमांक एनएल 01 एजी 9406, जो सीमेंट ट्रांसपोर्ट से संबद्ध बताया जा रहा है, जिसने अर्जुन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्जुन ने 3 मिनट के अंदर ही घटनास्थल पर दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा अमानगंज पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान अर्जुन पिता पप्पू आदिवासी (26 वर्ष) निवासी ग्राम दरेरा, एनएमडीसी ब्लॉक, जिला पन्ना के रूप में हुई है। बताया गया कि अर्जुन पवई क्षेत्र में मजदूरी कर अपने गांव लौट रहा था। उसे क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले ही उसकी जीवन यात्रा हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, हादसे के बाद फरार हुए ट्राला चालक की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है और चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में भारी वाहनों के संचालन को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अमानगंज-पिपरवाह बायपास पर तेज रफ्तार ट्रालों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर पहले भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि औद्योगिक इकाइयों से जुड़े भारी वाहनों की नियमित निगरानी की जाए, उनकी गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए ।