
Panna News :मध्य प्रदेश में स्थित हीरों की नगरी पन्ना ने एक बार फिर अपनी चमक से देश - दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। भारत की एकमात्र संगठित एवं यांत्रिकीकृत हीरा खदान संचालित करने वाली एनएमडीसी (डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट) में 27.29 कैरेट का जेम क्वालिटी का हीरा मिला है। इसे पन्ना के खनन इतिहास की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एनएमडीसी प्रबंधन के अनुसार, मार्च 2024 में खदान का संचालन दोबारा शुरू होने के बाद यह अब तक मिला सबसे बड़ा जेम श्रेणी का हीरा है। इससे पहले जुलाई 2026 में 13.16 कैरेट का हीरा इस श्रेणी में सबसे बड़ा था। अब 27.29 कैरेट के हीरे ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। बहुमूल्य हीरा नियमित खनन के दौरान किम्बरलाइट अयस्क के प्रसंस्करण में प्राप्त हुआ।
प्रबंधन ने बताया कि, साल 2024 से अब तक खदान से लगभग 14 हजार कैरेट के हीरे प्राप्त हो चुके हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि पन्ना की धरती आज भी बहुमूल्य प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है। आधुनिक तकनीक के जरिए यहां लगातार नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। जेम क्वालिटी के बड़े आकार के प्राकृतिक हीरे बेहद दुर्लभ होते हैं। ऐसे हीरे का मिलना खनन क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि होने के साथ पन्ना की विश्वस्तरीय पहचान को और मजबूत करता है। 27.29 कैरेट के इस हीरे ने एक बार फिर साबित किया है कि पन्ना की धरती आज भी अनमोल रत्नों का खजाना समेटे हुए है।
एनएमडीसी को प्रदेश सरकार की ओर से संयुक्त रूप से हीरों की नीलामी करने का प्रस्ताव मिला है। इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो पन्ना के हीरा कार्यालय में आयोजित होने वाली नीलामी में एनएमडीसी भी सहभागिता करेगा। इससे पारदर्शिता के साथ बेहतर राजस्व मिलने की संभावना बढ़ेगी। एनएमडीसी के अनुसार समर्पित कार्यशैली, तकनीकी दक्षता, वैज्ञानिक खनन पद्धति और सटीक संचालन के कारण यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। आधुनिक तकनीक से सुरक्षित और प्रभावी खनन का यह उदाहरण भविष्य में पन्ना की हीरा परियोजना के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है।